शाहजहांपुर किसान रैली: 2019 के लिए शंखनाद करेंगे मोदी, 2 लाख किसानों के आने की उम्मीद

प्रधानमंत्री मोदी आज यूपी के शाहजहांपुर से 2019 के लिए शंखनाद करने की तैयारी में हैं. इस किसान रैली में आसपास के जिलों से करीब 2 लाख किसानों के आने की उम्मीद भारतीय जनता पार्टी लगा रही है.

 

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे’ से विकास और ‘तीन तलाक’ से समीकरणों को दुरुस्त करने की कोशिश के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को शाहजहांपुर में किसान कल्याण रैली से खेती-किसानी सरोकारों पर सरकार के समर्पण और इन पर काम करने की प्रतिबद्धता का संदेश देकर समीकरण साध सकते हैं.

 

दो महीने के भीतर पांचवी बार उत्तर प्रदेश के दौरे पर आ रहे मोदी की इस रैली की सफलता को लेकर भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है. आसपास के जिलों पर पूरा फोकस है. माना जा रहा है कि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ जीतकर रैली को संबोधित करने आ रहे मोदी कल की रैली में विपक्ष पर जोरदार निशाना साधेंगे.

 

विपक्षी दलों की सरकारों में किसानों को होने वाली दुश्वारियां भी उनके निशाने पर रहेंगी। केंद्र और भाजपा शासित राज्यों की सरकारों के किसान हितैषी फैसलों के साथ प्रधानमंत्री पिछले दिनों घोषित समर्थन मूल्य को भी विपक्ष पर हमले का हथियार बना सकते हैं. रैली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय भी रहेंगे.

 

ऐसा लगता है कि पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले शाहजहांपुर में किसान कल्याण रैली करने का फैसला यूं ही नहीं किया गया है. एक तो यह इलाका सभी तरह की खेती और हर श्रेणी के किसानों के सरोकारों का प्रतिनिधित्व करता है. यहां लोग गन्ना भी बोते हैं तो गेहूं और धान भी पैदा करने वाले है. आलू की खेती का भी यह इलाका है.

 

इस इलाके में अगर प्रगतिशील और बड़े किसान हैं तो परंपरागत तरीके से खेती-किसानी करने वाले मंझोले और छोटे किसानों की संख्या भी काफी है। जाहिर है कि भाजपा के लिए हर श्रेणी और हर फसल के उत्पादन करने वाले किसानों को संदेश देने के लिए शाहजहांपुर काफी उपयुक्त जगह है.

 

साथ ही पश्चिम और पूरब में सभाएं कर चुके मोदी से मध्य उत्तर प्रदेश का हिस्सा छूटा हुआ था. इसलिए शनिवार को शाहजहांपुर और 29 जुलाई को लखनऊ आकर वह इस इलाके में भी चुनाव पूर्व दौरों का काम पूरा कर लेना चाहते हैं.