नई दिल्ली: अक्षय कुमार इस साल अपनी दूसरी फिल्म ‘गोल्ड’ लेकर सिनेमाघरों में उतर चुके हैं. यूं तो अक्षय की इस साल रिलीज हुई पहली फिल्म ‘पैडमैन’ भी गणतंत्र दिवस के मौके पर रिलीज होने वाली थी, लेकिन भंसाली की ‘पद्मावत’ के लिए अक्षय ने अपनी यह गोल्डन रिलीज डेट कुर्बान कर दी थी. लेकिन अक्षय इस साल की अपनी दूसरी फिल्म स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लेकर आए हैं और इस बार अक्षय की इस फिल्म को लेकर फैंस में काफी उत्साह है. इस बार अक्षय हॉकी पर आधारित फिल्म ‘गोल्ड’ लेकर आए हैं और अक्षय की इस फिल्म में देशभक्ति, स्पोर्ट्स, ड्रामा, इमोशन, कहानी सबकुछ है. अक्षय कुमार की इस फिल्म को स्वतंत्रता दिवस पर फैन्स को दिया गया एक शानदार तोहफा कहा जा सकता है.
‘गोल्ड’ की कहानी तपन दास (अक्षय कुमार) नाम के एक बंगाली की है, जो हॉकी से बेइंतहां मोहब्बत करता है. यह एक ऐसा शख्स है, जो शराब पीता है, जुआ खेलता है, लोगों के पैसे लेता है तो वापस करने का नाम नहीं लेता.. लेकिन इसका बस एक ही सपना है, भारत को हॉकी में गोल्ड जिताने का. उसका यह सपना दो बार बर्बाद होता है क्योंकि पहली बार दुनिया विश्व युद्ध की त्रासदी झेल रहा होता है तो वहीं दूसरी बार अंग्रेजों ने रेडक्लिफ लाइन खींचकर हिन्दुस्तान के दो टुकड़े कर दिए. लेकिन इस सब के बाद भी तपन दास अपने सपना को खुद में मरने नहीं देता और काफी मेहनत और जद्दोजहद कर, आजाद भारत की पहली हॉकी टीम बनाता है. यह हॉकी टीम 1948 ओलम्पिक गेम्स में इंग्लैंड को उनके घर में धूल चटाती है और आजाद भारत को उसका पहला ओलम्पिक गोल्ड दिलाती है. ‘गोल्ड’ भारत में गोल्ड मैडल लाने की यही गौरवमयी गाथा सुनाती है.
एक्टिंग की बात करें तो इस फिल्म में अक्षय कुमार के साथ उनकी पत्नी के रूप में टीवी एक्ट्रेस मौनी रॉय नजर आई हैं, जो उनकी पहली बॉलीवुड एंट्री हैं. मौनी अपने इस बंगाली पत्नी के किरदार में काफी अच्छी लगी है. मोनाबीना के किरदार में मौनी जहां अपने पति की हरकतों से परेशान हैं, तो वही वह अपने पति के हॉकी के दीवानेपन को भी बखूबी समझती हैं. वहीं पंजाबी अक्षय कुमार तपन दास यानी इस बंगाली किरदार में पर्दे पर छा गए हैं. यूं तो वह फिल्म में कहीं बंगाली नहीं बोलते, लेकिन उनके बोलने के लेहजे से बंगालीयत साफ झलकती है. अक्षय अपने बेबाक अंदाज में काफी अच्छे लगे हैं और साथ ही उनके इमोश्नल सीन भी काफी अच्छे हैं.
इसके साथ ही फिल्म में अमित साध, कुणाल कपूर, विनीत कुमार सिंह और सन्नी कौशल जैसे सितारे भी हैं. निर्देशक रीमा कागती ने फिल्म को एक अच्छी स्टारकास्ट से सजाया है. स्पोर्ट्स पर बनने वाली बायोपिक फिल्मों को दर्शकों में काफी पसंद किया जाता है. दरअसल इन फिल्मों का सबसे अहम हिस्सा होता है उसकी स्क्रिप्ट. ‘गोल्ड’ की बात करें तो इस मामले में यह फिल्म थोड़ी कमजोर पड़ जाती है. कहानी में कुछ हिस्सों में आप वह इमोशन महसूस नहीं कर पाते, जो पर्दे पर उस सीन में दिखाने की कोशिश की जा रही है. ‘गोल्ड’ का सबसे मजबूत हिस्सा है उसका क्लाइमैक्स जो काफी दमदार है.
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