हाईकोर्ट ने केजरीवाल को लगाई फटकार, कहा -किसी के दफ़्तर पर कब्ज़ा नहीं होता धरना, किसने दी मंज़ूरी ?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं। केजरीवाल इस समय उपराज्यपाल अनिल बैजल केे दफ्तर में अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ धरना दे रहे हैं जिसका आज 9वां दिन है। अरविन्द केजरीवाल से दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को फटकार लगाते हुए पूछा था कि सीएम केजरीवाल को किसने उपराज्यपाल के कार्यालय में धरना देने की अनुमति दी? कोर्ट की बेंच ने कहा था, ‘यह धरना नहीं है। आप किसी के घर या दफ्तर में घुसकर हड़ताल या धरना नहीं कर सकते हैं।’ हालांकि स्वास्थ्य खराब होने के चलते अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे सत्येंद्र जैन अस्पताल पहुंच चुके हैं, जबकि मंत्री मनीष सिसोदिया को लोक नारायण जय प्रकाश अस्पताल (एलएनजेपी) से डिस्चार्ज किया जा चुका है।

समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, अस्पताल में इलाज के बाद मनीष सिसोदिया का कीटोल लेवल 7.4 पहुंच चुका है, ऐसे में उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। वह भी सत्येंद्र जैन के साथ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। इससे पहले मंगलवार सुबह ही सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर आशा जताई है कि हो सकता है मंगलवार को उपराज्यपाल उनसे मुलाकात को राजी होंगे।

केरजीवाल ने किया ट्वीट

केजरीवाल ने ट्वीट किया है- ‘गुड मॉर्निग दिल्ली, हम लगातार आठ दिन से उपराज्यपाल से मुलाकात के लिए उनके दफ्तर में इंतजार कर रहे हैं। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री दोनों तबीयत खराब होने के चलते अस्पताल में भर्ती हैं। उपराज्यपाल आठ दिनों के दिनों के दौरान दिल्ली की जनता के लिए आठ मिनट भी नहीं निकाल सके। हो सकता है आज समय निकाल लें।’

हाई कोर्ट ने कहा – “किसी के दफ़्तर पर कब्ज़ा नहीं होता धरना”

इसके दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल के धरने के खिलाफ उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उपराज्यपाल दफ्तर में धरना देने के लिए केजरीवाल के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई थी। लेकिन हाई कोर्ट ने केजरीवाल के धरने पर सख़्ती दिखाई है और पुछा है कि उनको किसने मंज़ूरी दी इस तरह किसी के दफ़्तर पर कब्ज़ा करने की।