UP: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के दो अलग-अलग जिलों में एक ही दिन में हुए दो भीषण सड़क हादसों ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। उन्नाव जिले में एक तेज रफ्तार ट्रक ने बस को टक्कर मारी, जिसमें 7 लोग मौके पर ही दम तोड़ गए। वहीं बिजनौर जिले में एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार परिवार को रौंद दिया, जिसमें माता-पिता समेत 4 लोग नहीं बच सके। दोनों हादसों में कुल 11 लोगों की जान गई, जबकि दर्जनों घायल हैं। इन हादसों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, ओवरस्पीडिंग और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्नाव हादसा
उन्नाव के बांगरमऊ क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार सुबह एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक यात्री बस को जोरदार टक्कर मार दी। बस में ग्रामीण क्षेत्र से लखनऊ जा रहे लोग सवार थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का पिछला हिस्सा पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। हादसे में 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए। घायलों को उन्नाव और लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक चालक ने ओवरटेक करते समय नियंत्रण खो दिया और बस से टकरा गया। ट्रक चालक फरार हो गया है। पुलिस ने ट्रक जब्त कर लिया है और चालक की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। उन्नाव एसपी ने बताया कि हादसे की जांच चल रही है और प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
Also Read: लखनऊ: पतंग की डोर ने ली युवक की जान, हैदरगंज पुल पर दर्दनाक हादसा
बिजनौर हादसा
बिजनौर जिले के नजीबाबाद-किरतपुर मार्ग पर एक तेज रफ्तार कार ने एक बाइक सवार परिवार को टक्कर मार दी। बाइक पर सवार पति-पत्नी और उनके दो छोटे बच्चे थे। कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि बाइक पूरी तरह उछल गई और परिवार के सभी सदस्य सड़क पर जा गिरे। हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है। कार चालक ने हादसे के बाद कार छोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन आसपास के लोगों ने उसे पकड़ लिया। चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग और हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। बिजनौर एसएसपी ने कहा कि हादसे के बाद क्षेत्र में सख्त चेकिंग शुरू की गई है और तेज रफ्तार वाहनों पर नकेल कसी जाएगी।
परिवारों में मातम
दोनों हादसों में मारे गए लोगों में ज्यादातर ग्रामीण परिवारों के सदस्य थे। उन्नाव हादसे में कई परिवारों का एकमात्र कमाने वाला चला गया, जबकि बिजनौर में एक पूरा परिवार ही खत्म हो गया। गांवों में मातम का माहौल है। लोग कह रहे हैं कि तेज रफ्तार और लापरवाही ने उनकी जिंदगी छीन ली। परिजनों ने सरकार से सड़क सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। कई लोगों ने कहा कि हाईवे पर स्पीड ब्रेकर, बेहतर साइनेज और सख्त चेकिंग की जरूरत है। कुछ ने ड्राइवरों के लिए नियमित फिटनेस टेस्ट और सख्त लाइसेंस नियमों की भी मांग की है।
प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश पुलिस ने दोनों हादसों पर गंभीरता दिखाते हुए जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हादसों पर दुख जताया है और घायलों के इलाज के लिए बेहतर व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है।ट्रैफिक पुलिस ने दोनों जिलों में स्पेशल चेकिंग अभियान शुरू किया है। तेज रफ्तार वाहनों पर जुर्माना बढ़ाया गया है और ड्राइवरों को चेतावनी दी जा रही है।
सड़क हादसों में बढ़ती मौतें
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ सालों में सड़क हादसे बढ़े हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही, ओवरलोडिंग और खराब सड़कें मुख्य कारण हैं। 2025 में प्रदेश में सड़क हादसों में 22,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि सख्त कानून लागू करने, लोगों में जागरूकता फैलाने और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने की जरूरत है।












































