उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में एक सिपाही ने चौकी इंचार्ज पर मटर की तस्करी का आरोप लगाया था। जिसके बाद एसपी ने सिपाही को ही अनुशासनहीनता के आरोप में सस्पेंड कर दिया था। अब खबर आ रही है कि चौकी प्रभारी और दीवान सहित 12 पुलिस वालों को लाइन हाजिर कर दिया है। एसपी प्रदीप गुप्ता ने क्षेत्राधिकारी निचलौल डीके उपाध्याय की जांच रिपोर्ट पर पुलिस वालों को निलंबित किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने पुलिसकर्मियों को संदेश भी दिया है कि ये सब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
ये था मामला
जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो में महराजगंज का सिपाही शरद यादव बता रहा है कि वह सिसवा चौकी पर तैनात है। बीते 30 अक्टूबर की रात पिकअप पर लदी तस्करी का मटर पकड़ा तो चौकी प्रभारी प्रवीन सिंह ने उसे काफी फटकार लगाई और मटर छोड़वा दिया। इतना ही नहीं इसके बाद झूठा आरोप लगाते हुए हमारे खिलाफ कार्य के प्रति लापरवाही के मामले में थाने में रपट भी लिखवा दिया। इतना ही नहीं वायरल वीडियो में सिपाही ने आरोपित चौकी प्रभारी पर मटर तस्करों से सांठ-गांठ कर तस्करी कराने का भी आरोप लगाया था।
इन पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई
मामले की जांच एसपी ने सीओ डीके उपाध्याय को सौंपी थी। पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने बताया कि वायरल ऑडियो और वीडियो पर कार्रवाई करते हुए उपनिरीक्षक प्रवीण सिंह, और दीवान छोटेलाल सहित 12 पुलिस कर्मियों को हटा दिया है। इस लिस्ट में चौकी प्रभारी सिसवा कोठीभार उप निरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी छोटे लाल, चौकी सिसवा कोठीभार पर नियुक्त आरक्षी शरद यादव, बृजेश रावत, मुलायम चौहान, अभय शंकर यादव, रोशन यादव, अवनीश कृष्ण, आनंद कुमार यादव, प्रशांत पाल, राहुल गौतम, तूफान सिंह यादव, को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच प्रारंभिक जांच डीके उपाध्याय, क्षेत्राधिकारी निचलौल, महराजगज को सुपुर्द की गई है और यह जांच अतिशीघ्र पूर्ण कर प्रेषित करने का निर्देशित किया गया है।














































