लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने आज सदन में गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि विपक्ष के हंगामे के कारण सदन का 19 घंटे 13 मिनट का कीमती समय बर्बाद हो चुका है। उन्होंने विपक्षी सांसदों से अपील की कि वे सदन की कार्यवाही में सहयोग करें और जनता के मुद्दों पर चर्चा होने दें। स्पीकर ने कहा कि बार-बार हंगामा और नारेबाजी से महत्वपूर्ण विधेयकों और बहस पर असर पड़ रहा है। यह टिप्पणी शीतकालीन सत्र के दौरान लगातार जारी हंगामे के बीच आई है, जिसमें कई विपक्षी सांसदों को निलंबित भी किया जा चुका है।
लोकसभा की कार्यवाही आज भी शुरू होते ही हंगामे में फंस गई। विपक्षी सांसद महंगाई, बेरोजगारी, किसान मुद्दों और अन्य विषयों पर सरकार से जवाब मांगते हुए नारेबाजी करने लगे। सदन में शोर-शराबा इतना बढ़ गया कि स्पीकर ओम बिरला को कई बार सदन को स्थगित करना पड़ा। करीब दो घंटे की कार्यवाही के बाद जब सदन दोबारा शुरू हुआ, तो स्पीकर ने सदस्यों को संबोधित करते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की।
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स्पीकर ने कहा, “सदन का 19 घंटे 13 मिनट का समय अब तक बर्बाद हो चुका है। यह समय जनता के मुद्दों पर चर्चा करने में लगना चाहिए था, लेकिन हंगामे के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि संसद का समय बहुत कीमती है और इसे बर्बाद करने का अधिकार किसी को नहीं है। स्पीकर ने विपक्ष से आग्रह किया कि वे सदन की मर्यादा बनाए रखें और लोकतंत्र की गरिमा को बचाएं।
इस सत्र में अब तक कई बार सदन स्थगित हो चुका है। विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बच रही है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर हंगामा कर रहा है। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि वे किसी एक पक्ष का समर्थन नहीं कर रहे, बल्कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए चिंतित हैं।
हाल के दिनों में लोकसभा में हंगामे के कारण कई महत्वपूर्ण विधेयक और बहस लंबित हैं। स्पीकर ने सदस्यों को याद दिलाया कि संसद जनता की आवाज है और इसका अपमान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हंगामा जारी रहा तो आगे और सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं।
विपक्षी नेताओं ने स्पीकर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ही सदन में चर्चा से बच रही है, जिसके कारण विपक्ष को हंगामा करना पड़ रहा है। दोनों पक्षों के बीच तनाव जारी है और आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही कैसे चलती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
स्पीकर ओम बिरला का यह बयान संसद की कार्यवाही में बढ़ते हंगामे और समय की बर्बादी को लेकर गंभीर चिंता दर्शाता है। सत्र के बाकी दिनों में स्थिति सुधरने की उम्मीद सभी को है।
INPUT-ANANYA MISHRA







































