नोएडा में प्लॉट दिलाने के नाम पर 2.25 करोड़ की ठगी, कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज

नोएडा (Noida) में आवासीय प्लॉट बेचने के झांसे में एक महिला से 2.25 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़िता सुनीता चौधरी, जो सेक्टर-122 की निवासी हैं, ने आरोपी छविराम शर्मा (न्यू कोंडली, दिल्ली निवासी) पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस ने FIR दर्ज की है। आरोपी ने 2024 में पैसे लेकर भी रजिस्ट्री नहीं कराई और प्लॉट ट्रांसफर नहीं किया, जिससे महिला को बड़ा नुकसान हुआ। जांच में पता चला है कि आरोपी ने कई अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की है।

पीड़िता की शिकायत और सौदे का विवरण

सुनीता चौधरी ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्हें परिवार के लिए एक आवासीय प्लॉट की जरूरत थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात आरोपी छविराम शर्मा से हुई, जिसने नोएडा के सेक्टर-63ए में 126.45 वर्ग मीटर का प्लॉट दिलाने का वादा किया। आरोपी ने प्लॉट के दस्तावेज दिखाकर भरोसा दिलाया। सौदा कुल 2 करोड़ 65 लाख रुपये में तय हुआ। पीड़िता ने चेक से 10 लाख रुपये 30 जनवरी 2024 को दिए और 20 फरवरी 2024 को नोएडा प्राधिकरण में ट्रांसफर मेमोरेंडम भी कराया गया। लेकिन इसके बाद आरोपी ने बैनामा (रजिस्ट्री) नहीं कराई और पैसे लेकर गायब हो गया।

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कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज, पुलिस जांच शुरू

पीड़िता ने पहले पुलिस में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन उन्होंने अदालत का रुख किया, जहां प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया। कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस ने आरोपी छविराम शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब मामले की गहन जांच कर रही है, जिसमें आरोपी के अन्य संभावित पीड़ितों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच शामिल है।

आरोपी की कई अन्य धोखाधड़ियां उजागर

जांच के दौरान पता चला है कि छविराम शर्मा ने न केवल सुनीता चौधरी बल्कि कई अन्य लोगों को प्लॉट बेचने के नाम पर इकरारनामा कराकर ठगा है। आरोपी ने फर्जी या गैर-मौजूद प्लॉट दिखाकर लोगों से बड़ी रकम वसूली है। यह मामला नोएडा में रियल एस्टेट से जुड़ी धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों का एक और उदाहरण है, जहां लोग प्लॉट खरीदने के चक्कर में करोड़ों गंवा बैठते हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।

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पीड़ितों के लिए सलाह और आगे की संभावनाएं

ऐसे मामलों में पीड़ितों को तुरंत पुलिस या अदालत का सहारा लेना चाहिए। नोएडा प्राधिकरण से प्लॉट की वैधता जांचना जरूरी है। यदि आरोप साबित होते हैं तो आरोपी पर धोखाधड़ी, विश्वासघात और अन्य धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई हो सकती है। यह घटना रियल एस्टेट लेन-देन में सावधानी बरतने की याद दिलाती है, खासकर अनजान ब्रोकर या दलालों से सौदा करते समय। मामले में आगे की जांच से और खुलासे होने की संभावना है।

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