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मथुरा के 2 गांव में 80 ठग, 34 गिरफ्तार और 45 फरार… यूपी पुलिस ने बड़े साइबर नेटवर्क का किया पर्दाफाश

मथुरा (Mathura) जिले में यूपी पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई ने साइबर अपराध के एक खतरनाक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। सिर्फ दो गांवों से पुलिस ने 34 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 45 अपराधी छापेमारी के दौरान भागने में कामयाब रहे। पुलिस का कहना है कि ये लोग हर सुबह उठते ही लोगों को ठगने के नए-नए प्लान बनाते थे। दोनों गांवों में कुल मिलाकर 80 के आसपास साइबर अपराधी सक्रिय थे। यह संख्या देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरे देश में ऐसे कितने सिंडिकेट काम कर रहे होंगे।

छापेमारी और बरामदगी

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मथुरा के इन दो गांवों में साइबर फ्रॉड का बड़ा गढ़ बस गया है। सुबह-सुबह पुलिस की टीम ने दोनों गांवों में एक साथ छापेमारी की। छापे के दौरान 34 लोग रंगे हाथ पकड़े गए। इनके पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, कई सिम कार्ड, फर्जी दस्तावेज, स्क्रिप्ट लिखी नोटबुक्स और डिजिटल वॉलेट ऐप्स में ट्रांजेक्शन के सबूत बरामद हुए। पुलिस का दावा है कि ये लोग मुख्य रूप से UPI फ्रॉड, लव स्कैम, कस्टम ड्यूटी स्कैम, रिफंड स्कैम और फर्जी इनवेस्टमेंट स्कीम के जरिए लोगों को ठगते थे।

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हर दिन बनते थे नए ठगी के प्लान

पुलिस पूछताझ में पकड़े गए अपराधियों ने बताया कि वे सुबह उठते ही एक कमरे में बैठकर नए-नए स्क्रिप्ट तैयार करते थे। हर व्यक्ति को अलग-अलग टारगेट दिए जाते थे। कोई बैंक अधिकारी बनकर फोन करता था, कोई इनकम टैक्स अधिकारी, कोई लव इंटरेस्ट, तो कोई इनवेस्टमेंट एक्सपर्ट। एक दिन में एक व्यक्ति 50 से 100 फोन कॉल कर सकता था। पकड़े गए लोगों में 18 से 35 साल के युवक ज्यादातर थे। इनमें से कई पढ़े-लिखे थे, लेकिन आसान कमाई के लालच में इस रास्ते पर आ गए।

45 अपराधी भागने में कामयाब

जब पुलिस का छापा पड़ा तो 45 साइबर अपराधी मौके से फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि ये लोग पहले से ही सतर्क थे और छापे की सूचना मिलते ही भाग निकले। इनमें से कुछ के मोबाइल लोकेशन पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने दोनों गांवों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और आसपास के जिलों में भी अलर्ट जारी किया है। फरार अपराधियों में से कई के खिलाफ पहले से भी मुकदमे दर्ज हैं।

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2 गांव में 80 अपराधी 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ दो गांवों से 80 के करीब साइबर अपराधी पकड़े गए या फरार हुए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरे उत्तर प्रदेश और देश में ऐसे कितने गांव और मोहल्ले होंगे जहां साइबर ठगी का कारोबार चल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में सस्ते इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध तेजी से फैल रहा है।

पुलिस कार्रवाई

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के फोन कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें। यदि कोई संदिग्ध कॉल आए तो तुरंत 1930 पर साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर सूचना दें। फरार अपराधियों की तलाश जारी है। पकड़े गए 34 लोगों को कोर्ट में पेश किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और पूरे सिंडिकेट को बेनकाब किया जाएगा।

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