फर्रुखाबाद जिले में एक बार फिर नाम बदलने की मांग जोर पकड़ रही है। हिंदू समाज पार्टी ने जिले का वर्तमान नाम ‘फर्रुखाबाद’ हटाकर ऐतिहासिक और पौराणिक नाम ‘पांचाल नगर’ करने की मुहिम को तेज कर दिया है। सोमवार शाम से पार्टी ने शहर के प्रसिद्ध पांडेश्वर नाथ मंदिर परिसर में हस्ताक्षर अभियान शुरू किया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और आम नागरिकों से समर्थन जुटाया जा रहा है।
अभियान का शुभारंभ और वैदिक माहौल
पांडेश्वर नाथ मंदिर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। आचार्य प्रदीप नारायण ने मंत्र पढ़े, जबकि पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री राजेश भवानी ने अभियान की औपचारिक शुरुआत की। मंदिर परिसर में कैंप लगाकर हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को न केवल हस्ताक्षर करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें एक विस्तृत पत्र भी सौंपा जा रहा है, जिसमें ‘पांचाल नगर’ नाम के ऐतिहासिक महत्व और वर्तमान नाम बदलने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है।
‘गुलामी का प्रतीक’ बताकर उठाई मांग
अभियान के दौरान मंदिर की दीवारों और आसपास पोस्टर-बैनर लगाए गए, जिनमें फर्रुखाबाद नाम को ‘गुलामी का प्रतीक’ करार दिया गया है। हिंदू समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अंकित तिवारी ने कहा, “फर्रुखाबाद नाम मुगलकालीन शासक फर्रुखशियर से जुड़ा है, जो यहां के सनातन इतिहास और संस्कृति से मेल नहीं खाता। यह महाभारत कालीन पांचाल जनपद का केंद्र था, जहां द्रौपदी का जन्म हुआ था। इसे ‘पांचाल नगर’ नाम से जाना जाना चाहिए, ताकि हमारी सनातन पहचान मजबूत हो।” उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुहिम को राज्य सरकार तक पहुंचाएगी और जरूरी दबाव बनाएगी।
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पोस्टर और प्रमुख कार्यकर्ता
कार्यक्रम में जारी किए गए पोस्टरों पर प्रदेश अध्यक्ष अंकित तिवारी और राष्ट्रीय संगठन मंत्री राजेश मिश्रा की तस्वीरें प्रमुखता से लगाई गईं। मौके पर जिला अध्यक्ष आशीष गुप्ता (एडवोकेट), रोहन कश्यप, दिलीप शर्मा, शशिकांत पाराशर, सोहन शुक्ला, आदित्य मिश्रा, कौशल गुप्ता, सौरभ शाक्य, प्रिंस पाठक, आलोक मिश्रा, दीपक मिश्रा, विनय कटियार और शिवम बाजपेई सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे। अभियान को और व्यापक बनाने के लिए पार्टी अन्य मंदिरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी कैंप लगाने की योजना बना रही है।
ऐतिहासिक संदर्भ और राजनीतिक प्रतिक्रिया
पांचाल जनपद महाभारत काल में उत्तर भारत का प्रमुख राज्य था, जिसकी राजधानी अहिच्छत्र (वर्तमान में बरेली जिले में) मानी जाती है, लेकिन फर्रुखाबाद क्षेत्र भी इस जनपद का हिस्सा रहा है। कई इतिहासकार और स्थानीय बुद्धिजीवी इस नाम को पुनर्स्थापित करने का समर्थन कर रहे हैं। हालांकि, विपक्षी दल इसे ‘राजनीतिक लाभ’ के लिए उठाया गया मुद्दा बता रहे हैं। भाजपा और सपा से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में कई जगहों के नाम बदलने के बाद यह मांग नई नहीं है।
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हिंदू समाज पार्टी का आगे का है प्लान क्या?
हिंदू समाज पार्टी का दावा है कि हस्ताक्षर अभियान के बाद एकजुट आवाज के साथ प्रस्ताव मुख्यमंत्री और राज्य सरकार को सौंपा जाएगा। यदि व्यापक समर्थन मिला तो यह मुद्दा विधानसभा या संसद तक पहुंच सकता है। फिलहाल अभियान से शहर में चर्चा तेज है और लोग इस बदलाव के पक्ष-विपक्ष में अपनी राय रख रहे हैं।
INPUT – अभिषेक गुप्ता, फर्रुखाबाद।









































