UP: गाजीपुर (Gazipur) जिले के मरदह थाना क्षेत्र स्थित महेंगवा गांव में संचालित एक निजी पैरामेडिकल संस्थान में डी.फार्मा के छात्र विपुल यादव (Vipul Yadav) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि छात्र चौथी मंजिल से गिरा, जिसके बाद उसकी हालत गंभीर हो गई। घटना दो दिन पूर्व दोपहर लगभग तीन बजे की बताई जा रही है।
इलाज को लेकर उठे सवाल
घटना के तुरंत बाद कॉलेज प्रशासन ने छात्र को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराने के बजाय पड़ोसी जनपद मऊ के जिला अस्पताल ले जाया। जबकि गाजीपुर में ही मेडिकल कॉलेज उपलब्ध है। मऊ जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक स्तर पर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में भी देरी और पुलिस को सूचना देर से मिलने को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि जब शव को वाहन से उतारा गया, तब शरीर पर किसी भी प्रकार के गंभीर चोट, फ्रैक्चर या कट के निशान दिखाई नहीं दिए। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि शव का रंग पीला पड़ा हुआ था। इन परिस्थितियों ने मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है। परिवार के लोग अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए थे, लेकिन बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से रात में पोस्टमार्टम कराया गया।
सीसीटीवी कैमरा गायब होने की चर्चा
घटना को लेकर एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, जिस भवन की चौथी मंजिल से छात्र के गिरने की बात कही जा रही है, वहां का सीसीटीवी कैमरा घटना के बाद उपलब्ध नहीं था। इसको लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है और वे पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
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जांच कमेटी गठित, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुनील कुमार पांडे ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है और मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रहा है।










































