उत्तर प्रदेश के रायबरेली रेलवे स्टेशन के निकट पद्मावत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 14208) में यात्रियों द्वारा खुलेआम शराब पीने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना 18 फरवरी 2026 की रात की बताई जा रही है, जिसमें स्लीपर कोच S-2 में कुछ यात्री शराब का सेवन करते दिख रहे हैं। वीडियो में न केवल शराब पीते हुए दिखाई दे रही है, बल्कि अभद्र व्यवहार और पार्टी जैसा माहौल भी नजर आ रहा है, जिससे अन्य यात्रियों में भय और असुरक्षा की भावना पैदा हुई है। इस वायरल वीडियो ने भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना का विवरण
पद्मावत एक्सप्रेस दिल्ली से प्रतापगढ़/लखनऊ के रूट पर चलती है। वायरल वीडियो में कोच S-2 की सीट नंबर 71 के आसपास यात्रियों द्वारा पूरी रात शराब पार्टी चलाने का आरोप है। एक यात्री ने खुद यह वीडियो रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें देखा जा सकता है कि यात्री बेफिक्र होकर शराब पी रहे हैं और शोर-शराबा कर रहे हैं। रायबरेली स्टेशन के पास ट्रेन पहुंचने पर यह घटना हुई या उसके आसपास की बताई जा रही है। कई यात्रियों ने बताया कि वे सहमे-सहमे रहे क्योंकि नशे में धुत्त लोग अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे।
सुरक्षा और नियमों का उल्लंघन
भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, ट्रेनों में शराब का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित है। रेलवे एक्ट के तहत यह अपराध माना जाता है, जिसमें जुर्माना, गिरफ्तारी या अन्य कार्रवाई हो सकती है। वीडियो में आरोप है कि टीटीई (ट्रेन टिकट एग्जामिनर) की मिलीभगत से यह सब हो रहा था, जबकि रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) और गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) की ओर से कोई तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। यात्रियों ने शिकायत की कि रात भर यह सिलसिला चलता रहा, लेकिन स्टाफ ने आंखें मूंद लीं। इससे यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल उठ रहा है, खासकर महिलाओं, बच्चों और परिवारों के लिए।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया और शिकायतें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर यह वीडियो तेजी से फैला है। कई यूजर्स ने रेल मंत्री, लखनऊ डिवीजनल रेलवे मैनेजर (DRM), RPF और IRCTC को टैग करके शिकायत की है। एक पोस्ट में कहा गया है कि “यात्रियों की सुरक्षित यात्रा कैसे संभव है?” जबकि दूसरे में RPF/GRP की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई गई। कुछ पोस्ट्स में वीडियो के स्क्रीनशॉट और क्लिप शेयर की गई हैं, जिसमें लोग रेलवे अधिकारियों से तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह घटना रेलवे में अनुशासन की कमी को उजागर कर रही है।
रेलवे की जिम्मेदारी और आगे की राह
ऐसी घटनाएं रेल यात्रा को असुरक्षित बनाती हैं और यात्रियों का भरोसा कम करती हैं। रेलवे को सख्त निगरानी, नियमित चेकिंग और RPF की सक्रियता बढ़ाने की जरूरत है। यदि कोई यात्री ऐसी स्थिति में फंसे तो तुरंत 139 (रेलवे हेल्पलाइन) या RPF से संपर्क करें।
INPUT-ANANYA MISHRA










































