UP: प्रयागराज (Prayagraj) में माघ मेले (Magh Mela) के दौरान एक बटुक के साथ हुई कथित मारपीट की घटना को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद (Shankaracharya Avimukteshwaranand) ने उत्तर प्रदेश सरकार और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री द्वारा 101 बटुकों को घर पर बुलाकर अंगवस्त्रम और तिलक लगाकर पैर छूकर सम्मान करने से प्रयागराज में हुई घटना का पाप नहीं धुल सकता। अविमुक्तेश्वरानंद ने इसे महज राजनीति करार दिया और कहा कि असली पीड़ित बटुक के पास जाकर माफी मांगनी चाहिए थी, न कि 101 बटुकों पर पुष्पवर्षा और तिलक कर सम्मानित करना।
101 बटुकों का पूजन महज दिखावा: शंकराचार्य
शंकराचार्य ने कहा कि उप मुख्यमंत्री ने ये करके अपनी भावना दिखाई है और जताया कि जो प्रयागराज में हुआ वह पाप था, उसको धोने के लिए मैं अपना प्रयास कर रहा हूं। लेकिन इससे प्रयागराज में घटना का पाप नहीं धुल सकता है। उन्होंने तंज कसा कि 101 बटुकों पर पुष्पवर्षा कर और तिलक कर सम्मानित करना कोई कार्रवाई नहीं है, ये राजनीति है। असली पीड़ित जिस बटुक की चोटी खींची गई, उसके पास जाते कि अपने पसंद के बटुक बुला लिए और चंदन लगा दिए। ये राजनीति नहीं है तो क्या है?
11 मार्च को लखनऊ में बड़ा फैसला
शंकराचार्य ने कहा कि 20 दिन का अल्टीमेटम 11 मार्च को पूरा हो रहा है। इस दिन वे लखनऊ जाएंगे और वहीं जांच के बाद जो निष्कर्ष निकलेगा वही घोषित करेंगे। उन्होंने बताया कि गोरक्षा की मांग को लेकर 11 मार्च को लखनऊ में साधु-संतों और सनातनियों के साथ जाएंगे। शंकराचार्य ने दावा किया कि भाजपा के 100 से ज्यादा कार्यकर्ता, पूर्व विधायक, अध्यक्ष जैसे पदाधिकारी गोरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार की मनसा स्पष्ट न होने के कारण उनके शरण में आ रहे हैं और पार्टी को भी छोड़ रहे हैं।
माघ मेले की घटना का संदर्भ
प्रयागराज के माघ मेले में एक बटुक के साथ कथित मारपीट की घटना ने पूरे देश में हंगामा मचा दिया था। शंकराचार्य ने इस घटना को पाप करार देते हुए सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की थी और 20 दिन का अल्टीमेटम दिया था। अब उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल दिखावा किया है, असली कार्रवाई नहीं की।












































