लखनऊ: KGMU यौन शोषण-धर्मांतरण विवाद के बीच कुलपति के OSD हटाए गए, जांच समिति गठित

UP: लखनऊ (Lucknow) के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में कुलपति के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) सैय्यद अख्तर अब्बास को तमाम गंभीर आरोपों के बाद पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई पैथोलॉजी विभाग में डॉक्टर रमीजुद्दीन मलिक पर लगे यौन शोषण, जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद जैसे आरोपों से जुड़े विवाद के बाद हुई, जिसमें हिंदू संगठनों ने OSD पर भी आरोप लगाए थे। साथ ही, OSD और अन्य तदर्थ कर्मचारियों को नियम विरुद्ध सेवानिवृत्ति लाभ एवं पेंशन दिए जाने का मामला विधान परिषद में उठा। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह ने पुष्टि की कि OSD को हटा दिया गया है और लिपिक संवर्ग के एक कर्मचारी को अस्थायी रूप से OSD के कामकाज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डिप्टी सीएम के आदेश पर दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है, जिससे विश्वविद्यालय में खलबली मच गई है।

धर्मांतरण और यौन शोषण विवाद की पृष्ठभूमि

जनवरी 2026 में KGMU पैथोलॉजी विभाग की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने सीनियर रेजिडेंट डॉ. रमीजुद्दीन मलिक पर गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िता ने आरोप लगाया कि शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए गए और शादी से पहले इस्लाम अपनाने का दबाव डाला गया। महिला ने चौक कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद STF जांच में शामिल हुई। डॉ. रमीज को गिरफ्तार किया गया और जांच में दिल्ली ब्लास्ट आरोपी शाहीन सईद, फरार जाकिर नाइक और PFI जैसे संगठनों से कथित लिंक सामने आए। हिंदू संगठनों (VHP, ABVP, बजरंग दल) ने केजीएमयू में प्रदर्शन किया, कुलपति कार्यालय में तोड़फोड़ की और OSD सैय्यद अख्तर अब्बास को हटाने की मांग की। संगठनों ने OSD पर भी गंभीर आरोप लगाए, जिसमें रिटायरमेंट के बाद अनियमित नियुक्ति और अन्य मुद्दे शामिल थे।

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OSD को हटाने का फैसला

विवाद बढ़ने के बाद कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने OSD सैय्यद अख्तर अब्बास (जो रिटायरमेंट के बाद नियुक्त किए गए थे) को पद से हटा दिया। प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह ने कहा कि अब लिपिक संवर्ग के एक कर्मचारी को OSD के कामकाज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभी तक कोई नया OSD नियुक्त नहीं किया गया है। यह फैसला हिंदू संगठनों के लगातार प्रदर्शन, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिलने और STF जांच के दबाव में आया लगता है।

तदर्थ कर्मचारियों को पेंशन लाभ का मामला और जांच

OSD सैय्यद अख्तर अब्बास और अन्य तदर्थ कर्मचारियों पर नियम विरुद्ध सेवानिवृत्ति लाभ एवं पेंशन प्रदान करने के आरोप विधान परिषद में उठे। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग की विशेष सचिव कृतिका शर्मा की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। कमेटी में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वित्त नियंत्रक को सदस्य बनाया गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की सचिव सारिका मोहन ने आदेश जारी किया है। कमेटी बिना विनियमितीकरण (रेगुलराइजेशन) के तदर्थ कर्मचारियों को पेंशन और अन्य वित्तीय लाभ दिए जाने की जांच करेगी।

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विश्वविद्यालय में प्रभाव और आगे की स्थिति

यह घटनाक्रम KGMU में पहले से चले आ रहे विवादों (धर्मांतरण, मजार हटाने, डॉक्टरों का विरोध) को और गरमा रहा है। हिंदू संगठनों ने OSD हटाने को जीत बताया है, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि जांच निष्पक्ष रूप से चलेगी। कमेटी की रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई होगी। कुलपति कार्यालय में OSD की जिम्मेदारी अस्थायी रूप से लिपिक कर्मचारी को सौंपी गई है, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न हो।

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