UP में फर्जी विश्वविद्यालयों का बढ़ता खतरा! चार फर्जी यूनिवर्सिटी का भंडाफोड़, UGC ने जारी की चेतावनी

UP: उत्तर प्रदेश में फर्जी विश्वविद्यालयों (UP Fake Universities) का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने छात्रों और अभिभावकों को गंभीर चेतावनी जारी करते हुए बताया कि प्रदेश में 4 फर्जी विश्वविद्यालय सक्रिय हैं। इनमें प्रयाग का गांधी हिंदी विद्यापीठ, नोएडा का महामाया टेक्निकल यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ का नेताजी सुभाष चंद्र बोस ओपन यूनिवर्सिटी और लखनऊ का भारतीय शिक्षा परिषद शामिल हैं। यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि इन संस्थानों से प्राप्त डिग्रियाँ मान्यता प्राप्त नहीं हैं, और इनमें प्रवेश लेना भविष्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है।

फर्जी विश्वविद्यालयों का विदेशी चोला

इन फर्जी विश्वविद्यालयों के संचालकों ने अपनी धांधली को और बढ़ाने के लिए अब विदेशी संस्थानों का रूप धारण करना शुरू कर दिया है। इससे युवा वर्ग भ्रमित हो रहा है और यह संस्थान उन्हें उच्च शिक्षा का सपना दिखाकर गुमराह कर रहे हैं। यूजीसी ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया है और छात्रों को सलाह दी है कि वे किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय में दाखिला लेने से पहले यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर संस्थान की वैधता की जांच करें।

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यूजीसी की निगरानी और सतर्कता बढ़ी

यूजीसी ने पूरे देश में 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी की है, जिनमें से 12 दिल्ली में हैं। इन संस्थानों में से कुछ तो यूजीसी के मुख्यालय से कुछ मीटर की दूरी पर संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी ऐसे फर्जी विश्वविद्यालयों की पहचान की गई है। केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, कर्नाटका, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश में भी फर्जी विश्वविद्यालयों का अस्तित्व पाया गया है। यूजीसी की सतर्कता और निगरानी इस संकट से निपटने के लिए अहम है।

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