‘उत्तर प्रदेश अब बीमारू नहीं, फ्रंट रनर स्टेट…’, बोले सीएम योगी

वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने में एमएसएमई सेक्टर की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि मजबूत एमएसएमई नेटवर्क, कुशल और किफायती श्रमबल तथा अनुकूल औद्योगिक माहौल ही बड़े निवेश को आकर्षित करने की बुनियाद बनता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले संभावनाएं होने के बावजूद निवेश का अनुकूल वातावरण नहीं था और छोटे उद्योग उपेक्षा के शिकार थे, लेकिन बीते नौ वर्षों में सरकार ने इस क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

राजकोषीय प्रबंधन में प्रदेश को ‘फ्रंट रनर’ का दर्जा

मुख्यमंत्री ने बताया कि नीति आयोग की ‘फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2025’ में उत्तर प्रदेश को ‘फ्रंट रनर’ श्रेणी में रखा गया है। व्यय की गुणवत्ता, पूंजीगत निवेश, ऋण प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन जैसे मानकों पर राज्य की स्थिति संतुलित और मजबूत आंकी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने प्रदेश की राजस्व व्यवस्था और वित्तीय प्रबंधन की सराहना की है, जो राज्य की आर्थिक सुदृढ़ता का प्रमाण है।

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परंपरागत उद्योगों को नई दिशा, ओडीओपी से मिला विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुरादाबाद का पीतल उद्योग, फिरोजाबाद का कांच उद्योग, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी, गोरखपुर का टेराकोटा और भदोही की कालीन जैसे पारंपरिक उद्योग प्रदेश की पहचान हैं। सरकार ने इन उद्योगों का सर्वेक्षण और मैपिंग कर उनकी जरूरतों का आकलन किया और डिजाइन, तकनीक, वित्त, पैकेजिंग व मार्केटिंग में सहयोग प्रदान किया। वर्ष 2018 में शुरू की गई ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना के माध्यम से इन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

96 लाख एमएसएमई इकाइयां, करोड़ों को रोजगार

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। इनसे तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार और स्वरोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सभी इकाइयों के पंजीकरण की व्यवस्था की गई है और पंजीकृत उद्यमों को राज्य सरकार की ओर से पांच लाख रुपये तक का सुरक्षा बीमा कवर भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

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युवाओं के लिए गारंटीमुक्त ऋण और कौशल समर्थन

युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री युवा योजना’ के तहत तीन चरणों में पांच लाख, साढ़े सात लाख और दस लाख रुपये तक का गारंटीमुक्त व ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 1.10 लाख से अधिक युवाओं को इस योजना के अंतर्गत ऋण सुविधा दिलाई जा चुकी है। साथ ही ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के माध्यम से कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट और सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराकर ग्राम स्वावलंबन को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से युवाओं को मार्गदर्शन और प्रशिक्षण दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

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