उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 का आज (20 फरवरी 2026) आखिरी दिन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन में बजट पर विस्तृत संबोधन करेंगे और विपक्ष के उठाए सवालों, आरोपों का जवाब देंगे। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे भी सदन में बोलेंगे। बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों जैसे महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और बजट प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए थे। सीएम योगी सरकार की उपलब्धियों, विकास योजनाओं और भविष्य की रणनीति पर फोकस करेंगे। सदन की कार्यवाही सुबह से शुरू हो चुकी है और पूरे दिन महत्वपूर्ण बहस की उम्मीद है।
बजट सत्र का आखिरी दिन: महत्वपूर्ण संबोधन
आज विधानसभा का बजट सत्र समाप्त होने वाला है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा 11 फरवरी को पेश किए गए 9.12 लाख करोड़ रुपये के बजट पर पिछले दिनों बहस हुई। आज सीएम योगी आदित्यनाथ विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देंगे। संबोधन में वे सरकार के पिछले 9 वर्षों के कार्यों, आर्थिक प्रगति, कानून-व्यवस्था, किसान-युवा कल्याण और विकास योजनाओं पर जोर देंगे। विपक्ष के आरोपों पर पलटवार भी संभव है। सदन में हंगामा या नोकझोंक की संभावना भी बनी हुई है।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे का संबोधन
समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे आज सदन में बोलेंगे। वे बजट की कमियों, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाएंगे। विपक्षी नेता पहले भी सदन में बजट को ‘कागजी’ और ‘जनविरोधी’ बताते आए हैं। पांडे के संबोधन से बहस और गरमाने की उम्मीद है।
सीएम योगी के संबोधन की मुख्य बातें संभावित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिछले दिनों सदन में वंदे मातरम विवाद, हलाल सर्टिफिकेशन पर प्रतिबंध और विकास कार्यों पर बोल चुके हैं। आज वे बजट की उपलब्धियों जैसे राजस्व अधिशेष, कैपिटल एक्सपेंडिचर में वृद्धि, 16 नए मेडिकल कॉलेज, लड़कियों की शादी सहायता में बढ़ोतरी और AI मिशन पर फोकस करेंगे। विपक्ष के पुराने शासनकाल की तुलना में वर्तमान प्रगति पर जोर देंगे। संभवतः शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ोतरी या अन्य घोषणाएं भी हो सकती हैं।
सदन की कार्यवाही और सुरक्षा व्यवस्था
विधानसभा में आज पूरे दिन कार्यवाही चलेगी। स्पीकर सतीश महाना सदन की मर्यादा बनाए रखने के लिए सख्त रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और मीडिया कवरेज लाइव उपलब्ध है। सत्र समाप्त होने के बाद बजट पारित हो जाएगा। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बहस से राजनीतिक तापमान बढ़ सकता है।
INPUT-ANANYA MISHRA










































