उत्तराखंड सरकार ने राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण (State Police Complaints Authority) के सदस्यों को वाहन भत्ता देने का फैसला लिया है। वित्त विभाग की सहमति के बाद गृह विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। देहरादून में स्थित प्राधिकरण के सदस्यों को मासिक 30,000 रुपये का वाहन भत्ता मिलेगा। यह भत्ता प्राधिकरण के सदस्यों को आधिकारिक कामकाज के लिए वाहन उपयोग में आने वाली लागत को ध्यान में रखकर दिया जा रहा है। आदेश के बाद प्राधिकरण के सदस्यों को अब बेहतर तरीके से काम करने में सुविधा होगी।
वाहन भत्ता देने का फैसला और आदेश
राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण के गठन के बाद सदस्यों की सुविधाओं को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। प्राधिकरण के सदस्यों ने वाहन भत्ता देने की मांग की थी, क्योंकि वे विभिन्न जिलों में शिकायतों की जांच और सुनवाई के लिए यात्रा करते हैं। वित्त विभाग ने प्रस्ताव पर सहमति दी, जिसके बाद गृह विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, देहरादून में स्थित प्राधिकरण के सदस्यों को प्रतिमाह 30,000 रुपये का वाहन भत्ता दिया जाएगा। यह राशि आधिकारिक कामकाज के लिए वाहन किराए, ईंधन और अन्य खर्चों के लिए है।
प्राधिकरण के सदस्यों की भूमिका और जरूरत
राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों की जांच करता है और निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करता है। प्राधिकरण के सदस्यों को राज्य के विभिन्न जिलों में दौरा करना पड़ता है, जांच बैठकों में शामिल होना पड़ता है और पीड़ितों से मिलना होता है। वाहन भत्ता न मिलने से सदस्यों को व्यक्तिगत खर्च से काम करना पड़ रहा था। अब इस आदेश से सदस्यों को आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी और वे बेहतर ढंग से काम कर सकेंगे।
वित्त विभाग की सहमति और आदेश की मुख्य बातें
वित्त विभाग ने प्रस्ताव की जांच के बाद सहमति दी कि वाहन भत्ता देना उचित है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि:
भत्ता केवल देहरादून स्थित सदस्यों को मिलेगा (30,000 रुपये प्रतिमाह)
भत्ता आधिकारिक कामकाज के लिए ही इस्तेमाल होगा
भत्ता अन्य भत्तों (जैसे DA, HRA) के अतिरिक्त होगा
भत्ता का भुगतान नियमित वेतन के साथ किया जाएगा
प्रभाव और आगे की स्थिति
यह आदेश राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब सदस्यों को यात्रा और जांच कार्य में कोई असुविधा नहीं होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भत्ता का दुरुपयोग होने पर सख्त कार्रवाई होगी। प्राधिकरण के सदस्य अब अधिक सक्रियता से पुलिस शिकायतों का निपटारा कर सकेंगे।
INPUT-ANANYA MISHRA










































