चित्रकूट (Chitrakoot) के कर्वी स्थित एसडीएम कॉलोनी में सामने आए 33 बच्चों के यौन शोषण (Sexual Exploitation) मामले में पांच वर्ष की लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। बांदा की विशेष अदालत ने सिंचाई विभाग के निलंबित जूनियर इंजीनियर रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। फैसले की खबर मिलते ही मोहल्ले में लोगों ने राहत जताई और कहा कि इतने जघन्य अपराध के लिए कठोर दंड ही न्याय है।
संदिग्ध गतिविधियों से खुला राज
रामभवन की तैनाती वर्ष 2009-10 में कर्वी में हुई थी। शुरुआत में उसने सिकरी गांव में किराए का मकान लिया, लेकिन पड़ोसियों ने घर में होने वाली गतिविधियों पर संदेह जताया। भोजन बनाने के लिए रखी गई महिला की बेटियों का बार-बार आना-जाना भी लोगों को खटकने लगा। करीब डेढ़ माह बाद मकान खाली कर दिया गया। इसके बाद वह एसडीएम कॉलोनी में रहने लगा, जहां ऊपर की मंजिल पर उसका परिवार रहता था। बाहरी तौर पर उसका व्यवहार सामान्य और शांत दिखता था, जिससे किसी को गंभीर आशंका नहीं हुई।
लॉकडाउन में बढ़ी वारदात
वर्ष 2020 के लॉकडाउन के दौरान आरोप है कि बच्चों को मोबाइल, टीवी गेम और अन्य लालच देकर घर बुलाया जाता था। जांच में सामने आया कि उनके साथ दुष्कर्म कर वीडियो बनाए गए और इंटरनेट पर साझा किए गए। मामला सामने आने के बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई। छापेमारी में पेन ड्राइव, लैपटॉप और मोबाइल जब्त किए गए। डिजिटल साक्ष्यों से 33 बच्चों के शोषण की पुष्टि हुई और यह भी सामने आया कि सामग्री कथित तौर पर डार्कनेट और सोशल मीडिया के जरिए साझा की जाती थी।
पत्नी की भूमिका
जांच एजेंसियों ने दुर्गावती की संलिप्तता भी पाई। आरोप था कि वह बच्चों को घर बुलाने में मदद करती थी और विरोध की स्थिति में दरवाजा बाहर से बंद कर देती थी। मोहल्ले की महिलाओं के अनुसार उसका स्वभाव मिलनसार था और बच्चे उसके साथ सहज महसूस करते थे। यही विश्वास अपराध को लंबे समय तक छिपाए रखने में सहायक बना।
सन्नाटे में डूबी कॉलोनी
घटना के बाद एसडीएम कॉलोनी में लंबे समय तक दहशत का माहौल रहा। सजा सुनाए जाने के बाद भी आरोपी का कमरा तीन साल तक खाली नहीं हुआ बाद में उसका भाई सामान ले गया, पर किराया बकाया रहा। स्थानीय लोग आज भी उस गली को याद कर डर उठते हैं। विभागीय सहकर्मियों का कहना है कि दफ्तर में रामभवन का व्यवहार सामान्य और खुशमिजाज था, जिससे किसी को अंदाजा नहीं था कि वह ऐसे अपराधों में लिप्त हो सकता है।









































