उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बस्ती (Basti) में आयोजित रामकथा कार्यक्रम के दौरान जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य (Jagadguru Swami Rambhadracharya) ने नए यूजीसी नियमों (UGC) को लेकर केंद्र सरकार पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लाए गए ये प्रावधान समाज में अनावश्यक विवाद और वैचारिक विभाजन पैदा कर रहे हैं। अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस कानून को हर हाल में वापस लिया जाना चाहिए।
रामभद्राचार्य ने UGC नियमों पर उठाया सवाल
रामभद्राचार्य ने सवाल उठाया कि आखिर University Grants Commission (UGC) के नए नियमों की जरूरत ही क्यों पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रावधानों के जरिए समाज में भेदभाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। अपने बेबाक अंदाज में उन्होंने कहा कि जब तक वे धर्माचार्य के पद पर हैं, तब तक इस कानून को लागू नहीं होने दिया जाएगा।
सरकार को चेतावनी, कानून वापसी की मांग
धर्माचार्य ने सरकार को चेताते हुए कहा कि यदि देश को किसी बड़े सामाजिक टकराव या गृहयुद्ध जैसी स्थिति से बचाना है, तो इस कानून को तत्काल प्रभाव से वापस लेना होगा। उनका यह बयान कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी उनके इस बयान को लेकर बहस तेज होने की संभावना जताई जा रही है।








































