लखनऊ: आयतुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद शहर में हाई अलर्ट, मातमी जुलूस में अमेरिका-इजराइल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन; पुतले फूंके, पुराना लखनऊ छावनी बना

आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद लखनऊ में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। शहर के संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी, सीसीटीवी पर पैनी नजर और पुलिस-पीएसी-अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है। शिया-सुन्नी समुदाय ने मिलकर बड़ा मातमी जुलूस निकाला, जिसमें अमेरिका और इजराइल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगे। छोटे इमामबाड़े से बड़े इमामबाड़े तक निकले जुलूस में डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के पुतले फूंके गए। प्रदर्शन रात 11:30 बजे समाप्त हुआ। पुलिस प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।

लखनऊ: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही लखनऊ में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। शहर के संवेदनशील क्षेत्रों जैसे चौक, अमीनाबाद, हुसैनगंज, नाका, बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा और पुराना लखनऊ में ड्रोन से लगातार निगरानी की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिस ने हाई अलर्ट जारी किया है और पीएसी, पीआरडी, होमगार्ड्स और अर्धसैनिक बलों की कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। एसएसपी लखनऊ ने कहा कि किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और शांति बनाए रखने की अपील की है।

इस बीच, शिया समुदाय ने आयतुल्लाह खामेनेई की याद में बड़ा मातमी जुलूस निकाला। जुलूस में सुन्नी समुदाय के लोग भी शामिल हुए। जुलूस छोटे इमामबाड़े से शुरू होकर बड़ा इमामबाड़ा, मकदूम शाह, ताजगंज, नाका और हुसैनगंज होते हुए पुराना लखनऊ में समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारे लगाए: “खामेनेई जिंदा है”, “अमेरिका मुर्दाबाद”, “इजराइल मुर्दाबाद”। जुलूस में डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के पुतले फूंके गए, जिन पर “शैतान” और “यहूदी दुश्मन” जैसे पोस्टर लगे थे।

जुलूस में हजारों लोग शामिल थे, जिनमें महिलाएं और युवा भी बड़ी संख्या में थे। मातमी नोहे और मर्सिया पढ़े गए। प्रदर्शन रात 11:30 बजे समाप्त हुआ। पुलिस ने जुलूस के मार्ग पर बैरिकेडिंग की और यातायात को डायवर्ट किया। पुराना लखनऊ पूरी तरह छावनी में तब्दील हो गया था।

प्रशासन का कहना है कि जुलूस शांतिपूर्ण रहा और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। हालांकि, संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगी। शिया संगठनों ने कहा कि यह जुलूस खामेनेई की विरासत और फिलिस्तीन के समर्थन में था।

INPUT-ANANYA MISHRA

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