UP: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Avimukteshwarananda) रविवार को लालगंज पहुंचे, जहां उनका श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। बृजेंद्र नगर स्थित दुर्गा माता मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने मीडिया और अपने अनुयायियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने गौ माता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जो व्यक्ति वास्तव में गाय को माता मानता है, वह उस पर अत्याचार नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग गाय के मांस से लाभ कमाते हैं, उन्हें सनातन समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा।
बटुकों के साथ हुई घटना पर जताई चिंता
प्रयागराज में बटुकों के साथ कथित मारपीट और उनकी चोटी खींचने की घटना पर भी शंकराचार्य ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं और दोषियों के खिलाफ सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि ऐसा किसी अन्य धर्म के व्यक्ति द्वारा किया जाता तो एक अलग बात होती, लेकिन जो लोग स्वयं को हिंदू बताते हैं और हिंदुओं के समर्थन से सत्ता में आते हैं, उनके शासन में ऐसी घटनाएं होना चिंताजनक है।
चोटी को बताया सनातन धर्म की पहचान
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि चोटी सनातन परंपरा और धर्म की पहचान मानी जाती है। उन्होंने इसे सनातन धर्म की ध्वजा के समान बताते हुए कहा कि किसी बटुक की चोटी खींचना धर्म की मर्यादा पर आघात करने जैसा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इस तरह की घटनाओं पर प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं होती या पुलिस की भूमिका संदिग्ध रहती है, तो ऐसी स्थिति में इसे हिंदुओं की सरकार कैसे कहा जा सकता है।
11 मार्च को लखनऊ में होगा बड़ा कार्यक्रम
शंकराचार्य ने बताया कि गौ प्रतिष्ठा के मुद्दे को लेकर एक व्यापक आंदोलन चल रहा है। वहीं जल्द लखनऊ के मान्यवर कांशीराम सांस्कृतिक स्थल पर एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में गौ माता को राज्य माता और राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाई जाएगी। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस आयोजन में शामिल होने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन कांग्रेसी नेता महेश प्रसाद शर्मा ने किया, जबकि इस अवसर पर राघवेंद्र सिंह, सुमित यादव, राजेंद्र चौहान और नीरज सिंह सहित कई लोग उपस्थित रहे।














































