गोरखपुर। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी शिक्षण संस्थान महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) के सहयोग से बने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ एक विश्व कीर्तिमान के साथ होगा। 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर टीसीएस एवं टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन भी उपस्थित रहेंगे। शुभारंभ के अवसर पर एमपीआईटी ने एआई फॉर आल ट्रेनिंग वर्कशॉप के लिए पांच लाख युवाओं को पंजीकृत करने की तैयारी की है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और साइबर सिक्योरिटी जागरूकता पर निशुल्क 60 दिवसीय इस वर्कशॉप को एमपीआईटी की तरफ से दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, टीसीएस और महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर के साथ संयुक्त पहल के रूप में कराया जाएगा।
एमपीआईटी के निदेशक सुधीर अग्रवाल के अनुसार ट्रेनिंग वर्कशॉप के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है। इसका लिंक एमपीआईटी की वेबसाइट पर उपलब्ध है, 9 अप्रैल तक पंजीकरण किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एआई अवेयरनेस फॉर आल के साथ ही किसानों और कृषि विद्यार्थियों के लिए ‘एआई अवेयरनेस फॉर फार्मर्स’ वर्कशॉप के लिए पंजीकरण शुरू किया गया है। इसमें एक हजार किसानों और कृषि विद्यार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। वर्कशॉप पूर्णतः निशुल्क है और इसका शुभारंभ भी 15 अप्रैल को होगा।
एआई अवेयरनेस तथा साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस प्रोग्राम में एआई का परिचय, जेनेरेटिव एआई टूल्स, प्रॉम्प्टिंग एंड प्रोडक्टिविटी, रिस्पांसिबल एआई यूज, साइबर हाइजीन, फ्रॉड प्रिवेंशन, पासवर्ड एंड ओटीपी सेफ्टी और सेफ डिजिटल प्रैक्टिसेज के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण प्राप्त होगा। जबकि एआई अवेयरनेस फॉर फार्मर्स वर्कशॉप में कृषि में एआई, मौसम और फसल योजना, डिजिटल फार्मिंग टूल्स और रूरल प्रोडक्टिविटी सपोर्ट के बारे में विस्तार से व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
50 करोड़ रुपये की लागत से बना है सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में टीसीएस के सहयोग से पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित हुआ है। इसे विश्व स्तरीय मानक के अनुरूप विकसित किया गया है। इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कॉम्प्लेक्स में ड्रोन टेक्नोलॉजी एंड थ्री डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्युरिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कुल छह तरह के पाठ्यक्रम (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्युरिटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, थ्री डी प्रिंटिंग समेत एकीकृत पाठ्यक्रम) संचालित होंगे। बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स में हर पाठ्यक्रम के लिए एक अलग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस होगा। एमपीआईटी के निदेशक सुधीर अग्रवाल के अनुसार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के ढांचागत निर्माण पर 19.35 करोड़ रुपये, फर्नीचर व फर्निशिंग पर 2.40 करोड़, ड्रोन टेक्नोलॉजी सेंटर पर 1.84 करोड़, एआई सेंटर पर 9.56 करोड़, स्पेस टेक्नोलॉजी सेंटर पर 2.09 करोड़, साइबर सिक्योरिटी सेंटर पर 6.19 करोड़ और थ्री डी प्रिंटिंग सेंटर पर 6.79 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
एमपीआईटी से लाभान्वित होंगे 15 अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थान
एमपीआईटी के सभी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश के तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में काम करेंगे। यहां न केवल एमपीआईटी के छात्रों को बल्कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से अनुमोदित 15 अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थानों को भी ग्लोबल कोर्सेज में शामिल होने की सुविधा मिलेगी। जो संस्थान एमपीआईटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से लाभान्वित होंगे उनमें मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, राजकीय पॉलिटेक्निक गोरखपुर, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक गोरखपुर, महामाया राजकीय पॉलिटेक्निक हरिहरपुर खजनी, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी गोरखपुर सेंटर, महाराणा प्रताप पॉलिटेक्निक गोरखपुर, बुद्धा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी गीडा गोरखपुर, बुद्धा पॉलिटेक्निक कॉलेज गीडा गोरखपुर, आईटीएम गीडा गोरखपुर, आईटीएम पॉलिटेक्निक गीडा गोरखपुर, केआईपीएम कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी गीडा गोरखपुर, लिटिल फ्लावर पॉलिटेक्निक गोरखपुर, महामानव गौतम बुद्ध पॉलिटेक्निक बनकटी खुर्द, सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ़ इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी हक्काबाद गोरखपुर और विकास इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी गोरखपुर शामिल हैं।












































