UP: इटावा जिले के विकास खंड बढ़पुरा की ग्राम पंचायत असवा में सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मचारी हवीब खान पर आरोप लगाया है कि वह अपनी मूल तैनाती से अलग पिछले करीब सात वर्षों से ब्लॉक कार्यालय में बाबू का काम कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि वह ब्लॉक के बड़े बाबू सुनील दुबे के साथ बतौर असिस्टेंट कार्यालयी कार्य करते हैं, जबकि उनकी नियुक्ति सफाई कर्मचारी के पद पर हुई है।
ग्रामीणों के मुताबिक सफाई कर्मचारी के नियमित रूप से ग्राम पंचायत में नहीं पहुंचने के कारण गांव की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। जगह-जगह कूड़े और गंदगी के ढेर लगे होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब सफाई कर्मचारी की तैनाती ग्राम पंचायत में है तो वह लंबे समय से ब्लॉक कार्यालय में किस आदेश के तहत कार्य कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि अन्य सफाई कर्मचारियों के कार्यस्थल में समय-समय पर बदलाव होता रहता है, लेकिन हवीब खान की ब्लॉक कार्यालय में तैनाती कथित तौर पर वर्षों से बनी हुई है। यदि उन्हें कार्यालय में कार्य करने की अनुमति दी गई है तो उसका लिखित आदेश क्या है और किस अधिकारी ने यह व्यवस्था की है, इसकी जांच की मांग उठ रही है।मामले में अब जिला पंचायत राज अधिकारी और संबंधित अधिकारियों की भूमिका अहम मानी जा रही है। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, आदेशों की जांच करने तथा सफाई कर्मचारी से उसकी मूल जिम्मेदारी के अनुसार ग्राम पंचायत में सफाई कार्य कराने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि क्या सात वर्षों से ब्लॉक कार्यालय में सफाई कर्मचारी के बाबू की भूमिका में काम करने की व्यवस्था अधिकारियों की जानकारी में थी? यदि थी तो इसके पीछे लिखित आदेश क्या है? ग्रामीणों की नजर अब जांच और कार्रवाई पर टिकी है।









