इटावा: छिमारा रोड पर पानी सप्लाई के काम में एक नाबालिग बच्चे से पानी के कैंपर ढुलवाने का मामला सामने आया है। बच्चे के पानी पहुंचाने का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने इसे बाल श्रम का मामला बताते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी सप्लाई करने वाला एक व्यक्ति कथित तौर पर नाबालिग बच्चे को कैंपर पहुंचाने के काम में लगा रहा है। लोगों का कहना है कि बच्चे की उम्र कम प्रतीत होती है और वह नियमित रूप से पानी के कैंपर ढोता दिखाई दिया। इस संबंध में सामने आए वीडियो ने भी मामले को चर्चा में ला दिया है।
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भारत में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986, संशोधित प्रावधानों के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को रोजगार अथवा काम पर लगाना सामान्यतः प्रतिबंधित है। वहीं 14 से 18 वर्ष के किशोरों को खतरनाक व्यवसायों एवं प्रक्रियाओं में काम कराने पर भी रोक है। किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत भी बच्चों के संरक्षण और उनके सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता दी गई है।
स्थानीय लोगों ने श्रम विभाग, बाल संरक्षण इकाई और संबंधित अधिकारियों से बच्चे की उम्र तथा पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जांच में बाल श्रम की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए तथा बच्चे की शिक्षा, सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किया जाए।
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