बॉलीवुड फिल्मों में हीरो के फैन अपने चहेते स्टार की एक झलक पाने के लिए क्या-क्या नहीं करते. कोई घंटों इंतजार करता है, तो कोई एक फोटो के लिए भीड़ चीरकर आगे बढ़ जाता है. लेकिन टाइगर श्रॉफ के एक फैन के साथ जो हुआ, उसने खुशी के इस पल को जिंदगी की सबसे बड़ी मुसीबत में बदल दिया.
18 अक्टूबर को 35 साल के उमेश चौहान अपने पसंदीदा एक्टर टाइगर श्रॉफ के साथ फोटो खिंचवाने की उम्मीद में वहां पहुंचे थे. उन्हें क्या पता था कि कुछ ही देर में गोलियों की आवाज गूंजेगी और वह खुद गोली लगने के बाद अस्पताल के बिस्तर पर होंगे. अब उमेश मुंबई के KEM अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि घर पर उनकी आठ महीने की गर्भवती पत्नी और छह साल का बेटा उनके सुरक्षित लौटने की राह देख रहे हैं.
दो-दो काम करके चलाते हैं घर, अब इलाज के खर्च की सता रही चिंता
मिड डे की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के रहने वाले उमेश परिवार का पेट पालने के लिए ड्राइवर और घरेलू कामगार के तौर पर दो-दो काम करते हैं. उनकी कमाई से ही पत्नी और छह साल के बेटे का गुजारा चलता है. अब कुछ ही हफ्तों में घर में एक नन्हा मेहमान आने वाला है. परिवार नए बच्चे के स्वागत की तैयारी कर रहा था, लेकिन फायरिंग की इस घटना ने सबकी चिंता बढ़ा दी है. उमेश को सबसे ज्यादा डर इस बात का है कि चोट के बाद वह दोबारा काम कब शुरू कर पाएंगे और इलाज का खर्च कैसे उठाएंगे. उन्होंने बताया कि परिवार चलाने की जिम्मेदारी उन्हीं पर है और पत्नी के लिए जो बचत की थी, कहीं वह इलाज में ही खर्च न हो जाए.
टाइगर की कार के पास जाने की कोशिश, तभी चलीं गोलियां
उमेश के मुताबिक, वह टाइगर श्रॉफ के बड़े फैन हैं और अपने पसंदीदा एक्टर की एक झलक पाने के लिए वहां रुके थे. उन्हें उम्मीद थी कि शायद टाइगर के साथ एक फोटो मिल जाए, लेकिन अचानक गोलियां चलने लगीं. उमेश ने बताया कि वह विले पार्ले वेस्ट से गुजर रहे थे और टाइगर के फैन होने के कारण उस जगह रुक गए, जहां हमला हुआ. उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि इस चक्कर में उन्हें गोली लग जाएगी. रविवार शाम करीब 6:30 बजे बाइक सवार तीन हमलावरों ने टाइगर की BMW कार को निशाना बनाकर सात राउंड फायरिंग की थी. इस दौरान उमेश के सीने में गोली लगी.
ऑटो से अस्पताल पहुंचे उमेश, अब गोली निकालने की तैयारी
गोली लगने के बाद उमेश को ऑटो से जुहू के कूपर अस्पताल ले जाया गया. वहां उनकी हालत संभालने के बाद 19 अक्टूबर की आधी रात के करीब उन्हें बेहतर इलाज के लिए परेल स्थित KEM अस्पताल शिफ्ट किया गया. अस्पताल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, फिलहाल उमेश की हालत स्थिर है. गोली से उनके दिल और फेफड़ों को नुकसान नहीं पहुंचा है. उनकी पल्स 67 प्रति मिनट, ब्लड प्रेशर 120/80 और ऑक्सीजन सेचुरेशन 100 प्रतिशत दर्ज किया गया है. डॉक्टरों ने उनके पेट और पेल्विस की एंजियोग्राफी भी की है और फिलहाल लगातार निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है.
21 अक्टूबर को निकाली जा सकती है गोली
KEM अस्पताल के मुताबिक, उमेश के मामले पर कार्डियोवैस्कुलर और थोरेसिक सर्जरी यानी CVTS टीम के डॉक्टर उदय जाधव से भी चर्चा की गई है. फिलहाल उनकी हालत स्थिर होने के कारण डॉक्टर सावधानी के साथ इलाज जारी रखे हुए हैं. योजना के मुताबिक, 21 अक्टूबर को उनकी गोली निकालने के लिए ऑपरेशन किया जा सकता है. हालांकि, यह फैसला उनकी एनेस्थीसिया के लिए फिटनेस और उस समय की मेडिकल स्थिति का दोबारा आकलन करने के बाद ही लिया जाएगा.
जिस उमेश की उम्मीद अपने पसंदीदा सितारे के साथ एक तस्वीर लेने की थी, आज उनकी सबसे बड़ी ख्वाहिश है कि वह जल्द ठीक होकर अपने परिवार के पास लौट सकें. घर पर पत्नी की डिलीवरी का वक्त करीब है और छह साल का बेटा भी अपने पिता का इंतजार कर रहा है. फिलहाल उमेश की पूरी उम्मीद डॉक्टरों पर टिकी है, ताकि वह जल्द स्वस्थ होकर अपने परिवार के बीच लौट सकें.














