चंडीगढ़
हरियाणा में मंडियों में धान की आवक पीक पर है। अब तक 37.27 लाख टन धान मंडियों में पहुंचा है, जिसमें से 30.69 लाख टन (82 प्रतिशत) की खरीद हो चुकी है। करीब 23.34 लाख टन (76 प्रतिशत) धान का उठान किया गया है।
अब तक दो लाख 22 हजार 154 किसानो के बैंक खातों में लगभग 4263 करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने बताया कि प्रदेश में भारत सरकार द्वारा निर्धारित 58 लाख टन के खरीद लक्ष्य के मुकाबले 53 प्रतिशत खरीद पूरी हो चुकी है।
एक दिन में लगभग एक लाख टन धान की आवक और 0.36 लाख टन की खरीद दर्ज की गई है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने 16.53 लाख, हैफेड ने 9.29 लाख, हरियाणा राज्य भंडारण निगम ने 4.87 लाख टन धान की खरीद की है। निजी व्यापारियों ने अब तक 38 हजार 770 टन धान खरीदा है।
किसानों को मुआवजा दे सरकार: अभय सिंह चौटाला
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि ओलावृष्टि और बेमौसमी बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। फसलों को नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए सरकार किसानों को 50 हजार रुपये एकड़ मुआवजा दे।
साथ में फसली कर्ज माफ कर अगली बिजाई के लिए मुफ्त बीज और खाद दिया जाए। चौटाला ने दावा किया कि भिवानी, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, रोहतक, जींद, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ जिलों में ओलावृष्टि और बेमौसमी बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों, चना और सब्जियों की फसल 80 से 100 प्रतिशत तक बर्बाद हो गई है।
किसान ने आढ़ती से कर्ज लेकर, खाद-बीज डालकर बड़ी उम्मीद से फसल बोई थी, आज उसके हाथ में कुछ नहीं बचा है। फसल बर्बाद होने से किसानों के हालात बेहद दर्दनाक हैं।












