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श्रीगंगानगर बॉर्डर पर ड्रोन से RDX और हथियार तस्करी का मामला, मुख्य आरोपी सुक्खा पंजाब में पकड़ा गया

श्रीगंगानगर
 भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट रावला क्षेत्र में ड्रोन के जरिए आरडीएक्स और विदेशी हथियारों की खेप गिराए जाने के मामले में जांच एजेंसियों को अहम सफलता मिली है। मामले में मुख्य भूमिका निभाने के आरोपी कुलवंत सिंह उर्फ सुक्खा को पंजाब में पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। पंजाब की खुफिया एजेंसी उससे पूछताछ कर रही है। हालांकि, उसे अभी पंजाब पुलिस के हवाले नहीं किया गया है। अब राजस्थान एटीएस इस मामले में उसे गिरफ्तार करने की तैयारी में है।

इधर, मामले में गिरफ्तार फिरोजपुर जिले के लखविंदर सिंह रायसिख और जालंधर जिले के सुखविंदर सिंह रायसिख की रिमांड अवधि समाप्त होने पर बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया। एटीएस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार के अनुसार, न्यायालय ने दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए हैं।

पाकिस्तान में बैठे चाचा अली से संपर्क
इससे पहले अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन ने हनुमानगढ़ रोड स्थित रीको पुलिस चौकी में दोनों आरोपियों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों ने पंजाब के अलीका निवासी कुलवंत सिंह उर्फ सुक्खा की भूमिका सामने आने की बात कही। प्रारंभिक जांच के अनुसार, दोनों आरोपी उसके कहने पर रावला क्षेत्र में ड्रोन से गिराई गई खेप उठाने पहुंचे थे। जांच एजेंसियां अब सुक्खा की भूमिका, उसके संपर्कों और पाकिस्तान से खेप मंगवाने के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।

रावला एरिया में बरामद ड्रोन के जरिए गिराई RDX
जांच एजेंसियों के अनुसार, कुलवंत सिंह उर्फ सुक्खा पाकिस्तान में बैठे चाचा अली के संपर्क में था। आरोप है कि इसी संपर्क के जरिए रावला क्षेत्र में आरडीएक्स और विदेशी हथियारों की खेप मंगवाई गई। मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से सुक्खा के संबंध में पूछताछ की गई थी, लेकिन उस समय उसके बारे में कोई ठोस सुराग नहीं मिला था।

अब पंजाब में उसके पकड़े जाने की सूचना के बाद जांच एजेंसियों को नेटवर्क की अन्य कड़ियां उजागर होने की उम्मीद है। जांच में नेटवर्क के पंजाब में सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। एसओजी और एटीएस मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने के साथ ही खेप की आपूर्ति, उसे सीमा पार से भेजने और उसे उठाने के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं।

एडीजी बीजू जॉर्ज जोसफ ने भी की पूछताछ
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ और एटीएस के उपमहानिरीक्षक राममूर्ति जोशी ने भी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की। इस दौरान जांच टीम के साथ मामले के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद विस्फोटक और हथियार कहां पहुंचाए जाने थे तथा इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

खेत में ड्रोन से गिराए गए थे तीन पैकेट
गौरतलब है कि 12 अक्टूबर की रात रावला क्षेत्र की 12 केएनडी ग्राम पंचायत के चक 4 केएनएम स्थित एक खेत में ड्रोन के जरिए तीन पैकेट गिराए जाने की सूचना मिली थी। यह स्थान खानुवाली सीमा चौकी से करीब एक किलोमीटर दूर बताया गया था। सूचना मिलने पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई की।

इस दौरान पैकेट उठाने पहुंचे पंजाब के दोनों युवकों को पकड़ लिया गया। कार्रवाई में तीन पैकेटों से 7.75 किलोग्राम आरडीएक्स, दो जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन और 867 कारतूस बरामद किए गए थे। इसके अलावा, बैटरियां और रिमोट जैसी डिवाइस मिलने की जानकारी भी सामने आई थी। अब जांच का प्रमुख केंद्र पाकिस्तान से खेप भेजने वाले संपर्कों, पंजाब में सक्रिय नेटवर्क और रावला में उसे प्राप्त करने की साजिश की कड़ियों को जोड़ना है।