उत्तर प्रदेश (Uttrar Pradesh) के मऊ (Mau) जिले से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक अब्बास अंसारी (Abbas Ansari) की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई है। शनिवार को कोर्ट से दोषसिद्धि और दो साल की सजा मिलने के बाद रविवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना (Satish Mahana) ने उनकी सीट को औपचारिक रूप से रिक्त घोषित कर दिया। इसके लिए विशेष रूप से अवकाश के दिन विधानसभा सचिवालय को खोला गया और चुनाव आयोग को इस संबंध में सूचना भी प्रेषित कर दी गई है। अब इस सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया की प्रतीक्षा की जा रही है।
अदालत ने सुनाया फैसला
बीते विधानसभा चुनाव के दौरान अब्बास अंसारी पर आरोप था कि उन्होंने चुनावी सभा में भड़काऊ भाषण दिया और निर्वाचन आचार संहिता का उल्लंघन किया। यह मामला मऊ शहर कोतवाली क्षेत्र का है, जिसमें एसआई गंगाराम बिंद की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) डॉ. केपी सिंह की अदालत ने मामले में फैसला सुनाते हुए अब्बास अंसारी को दोषी ठहराया और दो साल की कैद के साथ-साथ कुल 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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मंसूर अंसारी को भी सजा
इस मामले में अब्बास अंसारी के सहयोगी मंसूर अंसारी (Mansoor Ansari) को भी सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत छह महीने की सजा और एक हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
क्या है हेट स्पीच मामला ?
आरोप था कि 3 मार्च 2022 को मऊ के पहाड़पुर मैदान में चुनावी जनसभा के दौरान अब्बास अंसारी ने स्थानीय प्रशासन को चुनाव के बाद ‘हिसाब-किताब’ करने और ‘सबक सिखाने’ की धमकी दी थी। इस बयान को चुनाव आयोग और प्रशासन ने गंभीरता से लिया और मामला दर्ज किया गया।



















































