गंगा किनारे अंतिम संस्कार तो आपने बहुत देखे होंगे, लेकिन ऐसा ‘अंतिम संस्कार’ शायद ही कभी देखा होगा, जिसमें चिता सजाई गई, रस्मों का सामान खरीदा गया, माहौल भी बना… और जब डेडबॉडी से चादर हटाई गई तो अंदर कोई इंसान नहीं… बल्कि पुतला निकला! जी हां, एक पुतला…. यूपी के हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर स्थित प्रसिद्ध ब्रजघाट पर एक ऐसा ड्रामा हुआ कि वहां मौजूद लोग हैरान हो गए. क्योंकि, पहली बार किसी ने प्लास्टिक के पुतले का अंतिम संस्कार करने की कोशिश की….
दरअसल, गुरुवार को दिल्ली से आए चार युवक i20 लेकर गढ़मुक्तेश्वर स्थित प्रसिद्ध गंगा घाट ब्रजघाट पर पहुंचे। श्मशान कर्मी नितिन को लगा सब सामान्य है लोगों ने घी लिया, लकड़ियां लीं, चिता सजवाई। लेकिन इसके बाद शुरू हुआ असली ड्रामा। शव को चादर में लिपटा हुआ ही चिता पर लिटा दिया गया, जिससे वहां मौजूद स्थानीयों लोगों को कुछ गड़बड़ लगा। इसके बाद शव से चादर हटाने की बात कही गई। लेकिन चारों युवक चादर हटाने से लगातार बचते रहे, जिसके बाद श्मशान घाट के कर्मियों को भी शक होने लगा।
अब दबाव डाला गया, चादर हटवाई गई तो अंदर एक प्लास्टिक का पुतला निकला। पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद दिल्ली के 2 कपड़ा व्यापारियों कमल सोमानी और आशीष खुराना को हिरासत में लिया गया, जबकि उनके 2 साथी परार हो गए। इनकी कार से 2 और प्लास्टिक के पुतले भी मिले हैं। जिससे मामला और गंभीर नजर आने लगा। कड़ाई से पूछताछ हुई तो कमल सोमानी ने पुलिस को बताया कि वह 50 लाख रुपए के कर्ज में डूबा था।
यही नहीं, उसने अंशुल के नाम से करीब एक साल पहले टाटा AIA का 50 लाख का लाइफ इंश्योरेंस करा दिया, जिसमें खुद को नॉमिनी बनाया। वो नियमित रूप से बीमा की किस्तें भी भरता रहा, ताकि किसी को भी शक न हो। कमल का प्लान था कि पुतले को अशुंल का शव दिखाकर अंतिम संस्कार किया जाए और फिर डेथ सर्टिफिकेट लेकर इश्योरेंस क्लेम कर लिया जाए। कमल ने कबूल किया कि उसने दुकान से पुतला उठाया और उसे शव की तरह चादर में लपेटरकर ब्रजघाट पहुंचा था।
श्मशान घाट पर काम करने वाले नितिन ने बताया कि दो युवक i20 कार से आए. उन्होंने घी और अंतिम संस्कार के सामान खरीदा और चिता सजाने को कहा. जब नितिन ने पूछा कि शव चादर में ही क्यों? तो चारों बातें घुमाने लगे। नितिन को लगा कि मामला कुछ ज़्यादा ही गोल-मोल है। इसके बाद चारों पर दबाव बनाया गया, बहस हुई और आखिरकार चादर हटाई गई। शव की जगह पुतला देख हर कोई हैरान हो गया। नितिन ने तुरंत पुलिस को फोन लगा दिया। लेकिन उससे पहले दो युवक भाग निकले, जबकि दो दबोच लिया गया।
इसके बाद पुलिस ने मौके पर मिले मोबाइल से अंशुल को वीडियो कॉल किया। अंशुल ने बताया कि वह सुरक्षित है और कुछ दिनों से प्रयागराज के अपने घर में रह रहा है। मामले में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनोज बालियान ने बताया कि हिरासत में लिए गए दोनों व्यापारियों से हर पहलू पर पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है। मामले में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनोज बालियान ने बताया कि कमल सोमानी और उसके साथी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और साजिश से जुड़े गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर दिया है।
फरार दो अन्य युवकों की तलाश जारी है। दोनों व्यापारियों से हर पहलू पर पूछताछ की जा रही है। फिलहाल, अब 50 लाख का फ्रॉड, पुतले ही पुतले और गंगा किनारे हुई ये घटना सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है।














































