UP: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) ने सरकारी अस्पतालों में लापरवाही बरतने वाले चिकित्साधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए 17 चिकित्साधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
लखनऊ से बड़ी खबर — उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने लापरवाह चिकित्साधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है।
डिप्टी CM के निर्देश पर:
✔ 17 चिकित्साधिकारी बर्खास्त
✔ ड्यूटी से गायब रहने वालों पर कड़ी…— Awanish M Vidyarthi (@awanishvidyarth) January 12, 2026
मरीजों से दुर्व्यवहार और अनुशासनहीनता पर कार्रवाई
मरीजों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले चार चिकित्साधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा बीकेटी ट्रामा सेंटर के चार डॉक्टरों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। वहीं, तीन डॉक्टरों को कड़ी चेतावनी दी गई है और पांच चिकित्साधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकते हुए परनिंदा दंड दिया गया है।
स्थानांतरण उल्लंघन और वित्तीय अनियमितताओं पर दंड
स्थानांतरण के बाद नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण न करने वाले डॉ. गजेंद्र सिंह के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही क्रय नीति के विरुद्ध दवाओं की खरीद के मामले में दोषी पाए गए दो चिकित्साधिकारियों की पेंशन में 10 प्रतिशत की कटौती की गई है। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



















































