लखनऊ के गोमती नगर स्थित विजयंत खंड में रविवार को एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, युवाओं, स्वयंसेवकों और विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सम्मेलन का उद्देश्य हिंदू समाज में एकता, सांस्कृतिक मूल्यों और धार्मिक चेतना को बढ़ावा देना बताया गया।
महंत वैदेही वल्लभ शरण ने किया संबोधन
मुख्य अतिथि श्रीधाम अयोध्या के बावन मंदिर के महंत वैदेही वल्लभ शरण महाराज ने सभी उपस्थितों से हिंदू धर्म की रक्षा और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने समाज में आपसी समरसता, संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।
भारतीय संस्कृति और इतिहास पर प्रकाश
मुख्य वक्ता और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) अवध प्रांत के संगठन मंत्री विजय ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिमी सभ्यता का प्रभाव भारतीय संस्कृति पर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने 1835 में लॉर्ड मैकाले द्वारा शिक्षा प्रणाली में किए गए बदलावों का जिक्र करते हुए बताया कि इससे मानसिक गुलामी को बढ़ावा मिला और भारतीय इतिहास में महापुरुषों की छवि विकृत रूप में प्रस्तुत की गई। विजय ने यह भी कहा कि आज भी कुछ विधर्मी और वामपंथी विचारधाराओं से जुड़े लोग भारतीय संस्कृति और मूल्यों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
देश की उपलब्धियों का उल्लेख
विजय ने 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण और 2014 के बाद देश में सशक्त नेतृत्व के दौर का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इन घटनाओं ने भारत की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में हर हिंदू की सक्रिय भूमिका जरूरी है।
आगामी कार्यक्रमों की जानकारी
हिंदू सम्मेलन के समन्वयक और भाजपा नेता प्रदीप मिश्रा ने बताया कि गोमती नगर फेज-2 की सभी बस्तियों में इसी तरह के कार्यक्रम 31 जनवरी तक आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर हरे कृष्ण मंदिर के धर्म उपदेशक अजय कृष्ण दास, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) लखनऊ पूर्व भाग के संघचालक प्रभात अधौलिया, महामना मालवीय मिशन के संरक्षक प्रभुनारायण श्रीवास्तव, भाग कार्यवाह ज्योति और नगर संघचालक जगबीर सिंह सहित कई विशिष्ट अतिथि और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।


















































