अयोध्या: महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय (Maharishi Mahesh Yogi Ramayana University) परिसर में शुक्रवार को श्रीराम प्रतिमा के अनावरण एवं भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित आधुनिक शिक्षा विषय पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर स्थापित 35 फीट ऊंची भगवान श्रीराम की प्रतिमा का अनावरण प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया।
इस अवसर पर वैदिक छात्रों द्वारा रामरक्षा स्तोत्र के पाठ से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में गूंज उठा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Anandiben Patel) ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिकता के इस दौर में वास्तविक ऊंचाई भौतिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों से प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि महर्षि महेश योगी की दूरदर्शिता का ही परिणाम है यह विश्वविद्यालय, जो केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मानव विकास का सशक्त केंद्र बनेगा।
#Ayodhya : महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय परिसर में
भव्य कार्यक्रम का आयोजन श्रीराम प्रतिमा अनावरण एवं भारतीय ज्ञान
परंपरा पर आधारित आधुनिक शिक्षा पर चर्चा प्रशासनिक भवन के
मुख्य द्वार पर स्थापित 35 फीट ऊंची श्रीराम प्रतिमा का अनावरण
प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने… pic.twitter.com/hSn2GCxOeI— Breaking Tube (@BreakingTubeX) January 16, 2026
उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक का संतुलन ही आने वाली पीढ़ी को सशक्त बनाएगा। रामायण विश्वविद्यालय इसी सोच को धरातल पर उतारने का कार्य कर रहा है विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि माननीय राज्यपाल के मार्गदर्शन और सहयोग से यह विश्वविद्यालय भारतीय सोच और आधुनिक शिक्षा का आदर्श मॉडल बनेगा। यहां विद्यार्थी केवल उपाधि नहीं, बल्कि तकनीकी ज्ञान, शोध क्षमता और जीवन मूल्यों के साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा और टेक्नोलॉजी के माध्यम से वैश्विक मंच तक पहुंचाना है।
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कार्यक्रम में अयोध्या के महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि यह विश्वविद्यालय संस्कृति और टेक्नोलॉजी के समन्वय का जीवंत उदाहरण है। भगवान श्रीराम के जीवन मूल्य यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे उत्तर प्रदेश प्राचार्य संघ के अध्यक्ष डॉ. मणि शंकर तिवारी ने कहा कि रामायण विश्वविद्यालय आने वाले समय में शिक्षा का नया मॉडल बनेगा, जहां रोजगार, शोध और चरित्र निर्माण तीनों पर समान रूप से ध्यान दिया जाएगा गौरतलब है कि यह विश्वविद्यालय 500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया जा रहा है।
स्मार्ट क्लास, डिजिटल रिसर्च, आधुनिक प्रयोगशालाओं और तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित यह परिसर पूरी तरह हाईटेक स्वरूप में तैयार किया जा रहा है। प्रशासनिक भवन के ऊपर स्थापित 35 फीट ऊंची श्रीराम प्रतिमा विश्वविद्यालय की पहचान का प्रतीक बन गई है, जो परंपरा और आधुनिकता का संगम दर्शाती है कार्यक्रम के अंत में कुलपति प्रो. भानु प्रताप सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
आयोजन में कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव, ट्रस्टी व गवर्निंग बॉडी सदस्य राहुल भारद्वाज, पंकज शर्मा, कुलपति भानु प्रताप सिंह, कुलसचिव गिरीश छिमवाल, मुख्य वित्त अधिकारी वरुण श्रीवास्तव, आलोक प्रकाश श्रीवास्तव, अवध विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनय कुमार सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे
डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय और महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय के बीच शैक्षणिक सहयोग को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू के तहत दोनों संस्थान भारतीय ज्ञान परंपरा, शोध कार्य, सांस्कृतिक गतिविधियों और भावातीत ध्यान से जुड़े कार्यक्रमों को संयुक्त रूप से आगे बढ़ाएंगे। यह सहयोग राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप लागू किया जाएगा, जिससे दोनों विश्वविद्यालयों के छात्र, शिक्षक और शोधार्थियों को शिक्षा एवं शोध के नए अवसर प्राप्त होंगे।
Input- Ankur Pandey
















































