उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में एक बार फिर दिनदहाड़े खूनी घटना ने सनसनी फैला दी है। जिला पंचायत परिसर में सरकारी कर्मचारी असगर अली ने एडवोकेट फारूक अली पर गोली चलाकर उनकी हत्या कर दी। गोलीबारी में एडवोकेट की पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। दोनों पक्षों के बीच पहले से कोई विवाद चल रहा था, जिसके चलते यह घटना हुई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और पूरे परिसर को सील कर जांच शुरू कर दी गई है।
घटना का पूरा विवरण
जानकारी के अनुसार, रामपुर जिला पंचायत परिसर में मंगलवार दोपहर करीब 2-3 बजे के बीच असगर अली और एडवोकेट फारूक अली के बीच तीखी बहस हुई। बहस इतनी बढ़ गई कि असगर अली ने अचानक अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकालकर फारूक अली पर कई राउंड फायर कर दिए। एडवोकेट मौके पर ही घायल होकर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। गोलीबारी में फारूक अली की पत्नी भी चपेट में आईं और उन्हें भी गोलियां लगीं।
घायल पत्नी को तुरंत रामपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी-वकील भागते नजर आए।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही रामपुर पुलिस अधीक्षक, कोतवाली प्रभारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने पूरे जिला पंचायत परिसर को सील कर दिया है। फोरेंसिक टीम ने मौका-ए-वारदात का निरीक्षण किया और खोखे, पिस्टल सहित अन्य सबूत बरामद किए हैं।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हत्या में इस्तेमाल हथियार असगर अली का लाइसेंसी था। पुलिस ने असगर अली को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। विवाद की वजह से जुड़े दस्तावेज और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
विवाद की वजह क्या थी
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, असगर अली और एडवोकेट फारूक अली के बीच लंबे समय से जमीन, संपत्ति या किसी कानूनी मामले को लेकर विवाद चल रहा था। कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि यह विवाद जिला पंचायत स्तर पर किसी मामले या ठेकेदारी से जुड़ा हो सकता है। पुलिस अभी इसकी गहन जांच कर रही है और जल्द ही साफ तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
परिवार और क्षेत्र में सनसनी
एडवोकेट फारूक अली के परिवार में शोक का माहौल है। स्थानीय वकील समुदाय ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और न्याय की मांग की है। रामपुर जिला पंचायत परिसर में सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ है और कर्मचारियों में डर का माहौल है।सोशल मीडिया पर भी यह घटना तेजी से वायरल हो रही है। लोग सरकारी परिसर में दिनदहाड़े हत्या पर सवाल उठा रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जता रहे हैं।












































