योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) प्रदेश की बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार नई पहल कर रही है। इसी कड़ी में ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ (Rani Laxmibai Scooty Scheme) शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहन देना है। इस योजना के तहत पात्र छात्राओं को मुफ्त स्कूटी उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय तक पहुंच सकें। खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों की छात्राओं के लिए यह योजना बड़ी राहत साबित हो रही है।
शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा
सरकार का मानना है कि आवागमन की समस्या कई बार बेटियों की पढ़ाई में बाधा बनती है। ऐसे में स्कूटी मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे नियमित रूप से कक्षाओं में शामिल हो सकेंगी। योजना का मुख्य लक्ष्य ड्रॉपआउट दर को कम करना और छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को प्राथमिकता देकर सरकार सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।
पात्रता और जरूरी शर्तें
इस योजना का लाभ लेने के लिए छात्रा का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। वह ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन में अध्ययनरत हो और शैक्षणिक रूप से मेधावी श्रेणी में आती हो। परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए, ताकि जरूरतमंद छात्राओं को प्राथमिकता मिल सके। आवेदन के दौरान आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, पिछली कक्षा की मार्कशीट, कॉलेज आईडी, पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक पासबुक की प्रति जमा करनी होती है।
आवेदन प्रक्रिया और चयन
योजना के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है। छात्राओं को उच्च शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भरना होता है और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। आवेदन की जांच के बाद पात्र छात्राओं की सूची जारी की जाती है। चयनित छात्राओं को उनके जिले के नोडल केंद्र के माध्यम से सूचित किया जाता है, जहां उन्हें स्कूटी प्रदान की जाती है। यह पहल बेटियों की शिक्षा को नई गति देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।









































