कुशीनगर: भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल कुशीनगर में आयोजित तीन दिवसीय इंटरनेशनल बौद्ध कॉन्क्लेव-2026 (International Buddhist Conclave-2026) का समापन बड़ी सफलता के साथ हुआ। कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र को वैश्विक बौद्ध पर्यटन के लिए विकसित करना और निवेशकों को आकर्षित करना था। इस आयोजन में 2,300 से अधिक बौद्ध श्रद्धालु और पर्यटक शामिल हुए, जिनमें 2,000 से अधिक भिक्षु, विद्वान, नीति-निर्माता और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल थे।
अंतरराष्ट्रीय सहभागिता और विदेशी मेहमान
कॉन्क्लेव में थाइलैंड, जापान, म्यांमार, भूटान और नेपाल जैसे देशों से 300 से अधिक विदेशी मेहमान शामिल हुए। इस पहल ने कुशीनगर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बौद्ध पर्यटन केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। विदेशी प्रतिभागियों ने न केवल स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को अनुभव किया, बल्कि निवेश और पर्यटन से जुड़ी संभावनाओं पर भी ध्यान दिया।
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निवेश प्रस्तावों और विकास योजनाओं पर चर्चा
कॉन्क्लेव के दौरान पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में लगभग 3,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव पेश किए गए। होटल और रिजॉर्ट बनाने वाली कंपनियों, रियल एस्टेट डेवलपर्स, बायो-सीएनजी और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्यमियों ने निवेश में रुचि दिखाई। साथ ही, दो नए टाउनशिप विकसित करने की योजनाओं पर भी चर्चा हुई, जो शहर के दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा देंगी।
पर्यटन को नई दिशा देने की पहल
कॉन्क्लेव में यह भी जोर दिया गया कि बौद्ध पर्यटन केवल तीर्थयात्रा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान, स्थानीय व्यवसाय और सतत विकास से जोड़ा जाना चाहिए। कुशीनगर की अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बेहतर कनेक्टिविटी को भी प्रमुखता दी गई, जिससे विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है।
निवेश और रोजगार के नए अवसर
पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की निरंतर कोशिशों से कुशीनगर अब निवेश और पर्यटन का आकर्षक केंद्र बन गया है। इस आयोजन से लगभग 3,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना उत्पन्न हुई है, जिससे पर्यटन, होटल, परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्रों में तेजी आएगी और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और 2025 में छह प्रमुख बौद्ध स्थलों पर 82 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे।
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