भोपाल में कार्बाइड गन चलाने पर होगी कार्रवाई, पुलिस ने जारी किया आदेश; उल्लंघन पर BNS की धारा 223 के तहत एक्शन

 भोपाल
 कार्बाइड गन की वजह से मध्य प्रदेश में कई घटनाएं हो चुकी हैं. कई घटनाएं हो चुकी हैं. किसी आंख चली गई तो कोई बुरी तरह से घायल हो गया है. दीपावली के मौके पर इसकी बिक्री को लेकर प्रशासन सख्त है. भोपाल में कार्बाइड गन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. भोपाल पुलिस कमिश्नर ने दीपावली और आगामी त्योहारों को देखते हुए कार्बाइड गन और कार्बाइड धमाकों पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है. बीएनएसएस की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है. यह आदेश अगले 2 महीने तक लागू रहेगा। 

इतना ही नहीं, अगर कोई व्यक्ति इन आदेशों का उल्लंघन करने है तो उस पर BNS की धारा 223 के तहत कार्रवाई होगी. प्रशासन को आशंका है कि भोपाल में अवैध रूप से प्रतिबंधात्मक आतिशबाजी, लोहा, स्टील और PVC पाइपों में विस्फोटक पदार्थ भरकर अत्यधिक ध्वनि करने वाले अवैध संशोधित पटाखे जैसे – कार्बाइड गन, कार्बाइड तोप, कार्बाइड लैम्प जैसे उपकरणों को तैयार कर बेचे जा रहे हैं। 

कार्बाइड गन के इस्तेमाल से होने वाले खतरे
कार्बाइड गन के उपयोग से आमजन के गंभीर रूप से घायल होने, आंखें चोटिल होने, गंभीर रूप से बीमार होने, आग लगने, विस्फोट होने और सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान होने की संभावना है. खासकर भीड़भाड़ वाले बाजारों, आवासीय बस्तियों, संकरे मार्गों और बच्चों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में इनका इस्तेमाल मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा है। 

कार्बाइड गन की रिपेयरिंग करना भी अपराध
प्रशासन ने अपने आदेश में कहा है कि इनमें ज्वलनशील गैस, कैल्शियम कार्बाइड का अनुचित प्रयोग दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है. आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति, संस्था या व्यापारी- कार्बाइड गन या कार्बाइड तोप या कार्बाइड लैम्प या इनकी तरह धमाका करने वाले उपकरणों का अवैध निर्माण, संयोजन, रूपांतरण, मरम्मत, असेंबलिंग नहीं करेगा. इनकी खरीदना, बेचना, बिक्री के लिए प्रदर्शित करना, वितरण, भंडारण, आपूर्ति और व्यावसायिक रूप से उपलब्ध कराना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।