एक्टर राजपाल यादव 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस और कर्ज मामले में तिहाड़ जेल से बाहर हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने सभी देशवासियों का शुक्रिया अदा किया, पर साथ ही जेल में बंद कैदियों से जुड़े कुछ अहम मुद्दे भी उठाए। जेल से रिहा होने के बाद राजपाल यादव उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में अपने पैतृक गांव कुंडरा पहुंचे, जहां वह भतीजी की शादी में बिजी हैं। यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में जेलों में स्मोकिंग जोन बनाए जाने की अपील की। साथ ही कहा कि जेलों को भी अपग्रेड करके आधुनिक बनाया जाना चाहिए।
राजपाल यादव को 16 फरवरी को दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम बेल मिल गई थी, पर कागजी कार्रवाई पूरी होने में वक्त लगा, जिसके कारण उन्हें बुधवार, 17 फरवरी की शाम 5 बजे रिहा किया गया। कोर्ट ने उन्हें 18 मार्च तक के लिए अंतरिम जमानत दी है। राजपाल ने भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए कोर्ट में अंतरिम जमानत की मांग की थी।
राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में रहने के दौरान करीब 20 हजार कैदियों से बातें की थीं और उन्हें लेकर जेल से बाहर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से एक गुजारिश की। उन्होंने कहा कि कुछ कैदी ऐसे हैं, जिन्हें दूसरा मौका दिया जाना चाहिए। हालांकि, इस पर वह भतीजी की शादी के बाद विस्तार से बात करेंगे। वहीं, अपने गांव में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जेलों में स्मोकिंग जोन बनाए जाने चाहिए, ताकि कोई बीमारी न हो और किसी पर इसका असर न पड़े।’
राजपाल ने कहा, हम स्मोकिंग को प्रमोट नहीं कर रहे हैं। लेकिन जब देश में इसकी बिक्री होती है और इसका कारोबार चलता है तो जेल और सुधार गृहों में इसके लिए भी अलग जगह होनी चाहिए। हम खुद भी धूम्रपान के शिकार हैं, छोड़ने की बहुत कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अभी तक पूरी तरह छोड़ नहीं पाए।
साल 2010 में राजपाल यादव ने फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। ये फिल्म फ्लॉप रही और राजपाल यादव को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा।
राजपाल समय रहते कर्ज की रकम नहीं लौटा सके। लोन लेते समय राजपाल ने जो चेक कंपनी को दिए थे वो बाउंस हो गए, जिसके बाद एक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई। दोनों पार्टी के बीच समझौते के बावजूद पूरी पेमेंट नहीं हुई और समय के साथ ब्याज जुड़ता गया, जिससे कुल कर्ज काफी बढ़ गया।
साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में अपील की, जहां उन्हें कई बार राहत मिली, क्योंकि उन्होंने भुगतान और समझौते का भरोसा दिया था।
हालांकि, फरवरी की शुरुआत में दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्टर को पूर्व में दी गई रियायतों और समय सीमा को बढ़ाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी तक सरेंडर करने का आदेश दिया था, जिसके बाद उन्होंने 5 फरवरी को शाम लगभग 4 बजे आत्मसमर्पण किया।
INPUT-ANANYA MISHRA













































