सहजनवा में चाइनीज मांझे पर प्रशासन की सख्ती, एसडीएम केशरी नन्दन तिवारी ने दी कड़ी चेतावनी

गोरखपुर जिले के सहजनवा क्षेत्र में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बढ़ती घटनाओं और इससे जुड़े खतरों को देखते हुए प्रशासन ने अब पूरी तरह सख्त रुख अपना लिया है। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सहजनवा केशरी नन्दन तिवारी ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि चाइनीज मांझे का भंडारण, बिक्री या उपयोग करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने पुलिस, नगर पंचायत सहजनवा और घघसरा के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में लगातार छापेमारी और निगरानी अभियान चलाए जाएं।

एसडीएम के सख्त निर्देश और चेतावनी

उपजिलाधिकारी केशरी नन्दन तिवारी ने कहा, “चाइनीज मांझा अब केवल पतंग उड़ाने का साधन नहीं रहा, बल्कि यह जानलेवा हथियार बन चुका है। इसका कोई भी रूप—बिक्री, भंडारण या उपयोग—बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने स्थानीय दुकानदारों को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि किसी दुकान से चाइनीज मांझा बरामद हुआ तो:

दुकान का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा

संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा

अन्य कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी

एसडीएम ने पुलिस और नगर पंचायत अधिकारियों को तुरंत अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नियमित चेकिंग, छापेमारी और सूचना के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

चाइनीज मांझे से होने वाले गंभीर खतरे

चाइनीज मांझा (ग्लास कोटेड या मेटल कोटेड डोर) बेहद तेज और काटने वाली होती है, जिसके कारण कई तरह के हादसे हो रहे हैं:
मानव जीवन पर खतरा — बाइक सवारों, साइकिल वालों या पैदल राहगीरों के गले, हाथ, चेहरे या आंखों में फंसकर गंभीर चोटें और कई मामलों में मौत हो चुकी है।
पक्षियों के लिए घातक — उड़ते पक्षियों के पंख कट जाते हैं, जिससे वे जमीन पर गिरकर तड़प-तड़प कर मर जाते हैं।
बिजली व्यवस्था को नुकसान — हाईटेंशन तारों में फंसने से शॉर्ट सर्किट, ट्रिपिंग और बिजली गुल की घटनाएं बढ़ रही हैं।
कानूनी स्थिति — भारत में चाइनीज मांझा प्रतिबंधित है। इसका उत्पादन, बिक्री और उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा और जन सुरक्षा के खिलाफ माना जाता है।

प्रशासन की अपील और जनता से सहयोग की मांग

एसडीएम केशरी नन्दन तिवारी ने आम नागरिकों, अभिभावकों और युवाओं से अपील की है:
बच्चों को चाइनीज मांझे से पूरी तरह दूर रखें।यदि कहीं इसकी बिक्री, भंडारण या उपयोग की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचित करें।उन्होंने कहा, “जन सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सहजनवा क्षेत्र में चाइनीज मांझे पर पूरी तरह रोक लगेगी।”

सामाजिक और स्थानीय प्रतिक्रिया

सहजनवा के स्थानीय लोग और अभिभावक इस कदम का स्वागत कर रहे हैं। कई लोग कह रहे हैं कि पतंगबाजी के नाम पर पिछले कुछ सालों में कई हादसे हो चुके हैं और अब समय आ गया है कि इस प्रतिबंधित मांझे पर पूरी तरह रोक लगे। पक्षी प्रेमी और पर्यावरण कार्यकर्ता भी प्रशासन की इस सख्ती से खुश हैं।
प्रशासन की इस मुहिम से उम्मीद की जा रही है कि सहजनवा और आसपास के क्षेत्रों में चाइनीज मांझे का चलन पूरी तरह खत्म हो जाएगा और लोगों व पक्षियों की जान सुरक्षित रहेगी।

प्रशासन की यह सख्ती एक सकारात्मक कदम है। चाइनीज मांझा न केवल कानूनन प्रतिबंधित है, बल्कि यह समाज और पर्यावरण के लिए भी बड़ा खतरा बन चुका है। यदि आप सहजनवा या आसपास के क्षेत्र में रहते हैं तो इस अभियान का समर्थन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। सुरक्षित पतंगबाजी के लिए पारंपरिक सूती मांझे का ही उपयोग करें।

INPUT-MUKESH