गोरखपुर के चंपा देवी पार्क में हाल ही में समाप्त हुई नौ दिवसीय श्रीराम कथा के दौरान प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य राजन जी महाराज ने एक ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। उन्होंने मंच से कहा, “जैसे फैजाबाद, इलाहाबाद और मुगलसराय से मुक्ति मिली है, वैसे ही जल्दी लखनऊ से भी मुक्ति मिलेगी। योगी बाबा जल्दी नाम बदलेंगे।”
यह बयान उत्तर प्रदेश के उन शहरों के नाम बदलाव के संदर्भ में आया है, जिन्हें मुगल काल या विदेशी प्रभाव से जोड़ा जाता रहा है। फैजाबाद को अयोध्या, इलाहाबाद को प्रयागराज और मुगलसराय को दीन दयाल उपाध्याय नगर नाम दिया गया था। राजन जी महाराज ने आगे बताया कि लखनऊ का मूल नाम *लखपूरी* था, जिसे मुगलों ने बदलकर लखनऊ कर दिया। उन्होंने कहा, “इधर बाबा भी आए हैं। योगी बाबा ने फैजाबाद से मुक्ति दिला दी, इलाहाबाद से मुक्ति दिला दी, मुगलसराय से मुक्ति दिला दी। बहुत जल्द हमारे आदरणीय योगी बाबा लखनऊ से भी मुक्ति दिलाएंगे, चिंता मत करिए।”
कथा के दौरान राजन जी महाराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री *योगी आदित्यनाथ* की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने गोरखपुर के विकास पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि उन्होंने रात में शहर की सड़कों पर घूमकर देखा और चौड़ी सड़कें, ओवरब्रिज तथा स्वच्छता देखकर हैरान रह गए। उन्होंने कहा, “मैं सोच भी नहीं सकता था कि हमारा गोरखपुर ऐसा दिखेगा। गोरखपुर वासियों को दिन-रात योगी जी को धन्यवाद देना चाहिए।” यह टिप्पणी कथा के बीच में आई, जब वे भक्तों को राम भक्ति के साथ-साथ वर्तमान विकास और सांस्कृतिक पुनरुत्थान की बात कर रहे थे।
यह श्रीराम कथा 27 जनवरी से 4 फरवरी 2026 तक चली, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। राजन जी महाराज की इस टिप्पणी को कई लोग सांस्कृतिक मुक्ति और हिंदुत्व के एजेंडे से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक संदेश मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है, और लोग योगी सरकार के संभावित अगले कदम पर चर्चा कर रहे हैं।
हालांकि, अभी तक योगी सरकार की ओर से लखनऊ के नाम बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजन जी महाराज के शब्दों ने एक बार फिर इस मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है।
INPUT-ANANYA MISHRA

















































