गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) गोरखपुर ने चिकित्सा शिक्षा और उन्नत उपचार के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल की है। संस्थान ने THORAX 1.0 — थोरैसिक एनेस्थीसिया पर आधारित सीएमई (Continuing Medical Education) एवं हैंड्स-ऑन वर्कशॉप — का सफल आयोजन किया। यह कार्यक्रम पूर्वांचल क्षेत्र में अपनी तरह का पहला समग्र अकादमिक आयोजन रहा, जिसमें थोरैसिक सर्जरी से जुड़ी एनेस्थीसिया तकनीकों पर गहन चर्चा और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
नेतृत्व और मार्गदर्शन
यह कार्यक्रम AIIMS गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ **मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता** के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित किया गया। डॉ. विभा दत्ता ने पूरी टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम मरीजों की बेहतर देखभाल और चिकित्सकों के कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
देशभर के विशेषज्ञों की भागीदारी
कार्यक्रम में देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों से विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। मुंबई, दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी सहित कई शहरों से आए विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रोफेसर (डॉ.) जे. वी. दिवेटिया (Lilavati Hospital, मुंबई), जो थोरैसिक एनेस्थीसिया के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञ हैं, ने थोरैसिक सर्जरी में फ्लूइड मैनेजमेंट के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “संतुलित और सटीक फ्लूइड प्रबंधन ही मरीज की सुरक्षा और बेहतर परिणामों की कुंजी है।”
चर्चा के प्रमुख विषय
विशेषज्ञों ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की:
– फेफड़ों की सर्जरी में विशेष वेंटिलेशन तकनीक
– लंग आइसोलेशन और आधुनिक उपकरणों का उपयोग
– ऑपरेशन के दौरान और बाद की जटिलताओं का प्रबंधन
– अल्ट्रासाउंड आधारित ब्लॉक्स और दर्द नियंत्रण
हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण — मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण हैंड्स-ऑन वर्कशॉप रहा। प्रतिभागी डॉक्टरों को **डबल ल्यूमेन ट्यूब (DLT)**, ब्रोंकियल ब्लॉकर, लंग अल्ट्रासाउंड, बेसिक ईको और अल्ट्रासाउंड-गाइडेड ब्लॉक्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण से डॉक्टरों को वास्तविक ऑपरेशन थिएटर की परिस्थितियों में काम करने की बेहतर समझ मिली।
विभागाध्यक्ष का कथन
कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष एवं एनेस्थीसियोलॉजी, पेन मेडिसिन एवं क्रिटिकल केयर विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि “THORAX 1.0 का उद्देश्य जटिल थोरैसिक एनेस्थीसिया को सरल बनाना और डॉक्टरों को सुरक्षित एवं प्रभावी उपचार के लिए प्रशिक्षित करना है। यह कार्यक्रम हमारे विभाग की अकादमिक प्रतिबद्धता और मरीज-केंद्रित देखभाल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
आयोजन सचिव और टीम की भूमिका
कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. गणेश निमजे ने समन्वय और संचालन में प्रमुख भूमिका निभाई। विभाग के सभी फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों और आयोजन समिति के सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
पूर्वांचल के लिए महत्वपूर्ण पहल
इससे पहले ऐसे उन्नत कार्यक्रम बड़े महानगरों तक ही सीमित थे। AIIMS गोरखपुर में THORAX 1.0 जैसे आयोजन से पूर्वांचल के चिकित्सकों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिल रहा है, जिससे क्षेत्र के मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी।
मुख्य संदेश
– आधुनिक प्रशिक्षण से जटिल थोरैसिक सर्जरी में बेहतर इलाज संभव है।
– विशेषज्ञता बढ़ने से मरीजों की सुरक्षा और परिणामों में सुधार होता है।
– AIIMS गोरखपुर तेजी से उन्नत चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।
यह आयोजन AIIMS गोरखपुर की बढ़ती अकादमिक क्षमता को दर्शाता है और पूर्वांचल में चिकित्सा क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। संस्थान भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को जारी रखने की योजना बना रहा है।











































