लखनऊ/नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के कुछ घंटों बाद ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे “सपने वाला बजट” करार देते हुए जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि यह बजट सिर्फ 5% अमीरों और बड़े कारोबारियों के हित में है, जबकि गरीब, किसान, युवा और PDA समाज (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) पूरी तरह उपेक्षित हैं। अखिलेश ने सरकार से स्मार्ट सिटी, पर्यावरण संरक्षण, किसानों की आय दोगुनी करने और रोजगार सृजन जैसे पुराने वादों पर जवाब मांगा है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बजट पेश होने के तुरंत बाद X (पूर्व ट्विटर) पर एक लंबी पोस्ट और प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट को “कागजी सपनों का पुलिंदा” बताया। उन्होंने कहा, “यह बजट सिर्फ 5% अमीरों, बड़े कॉर्पोरेट्स और चुनिंदा शहरों के लिए है। बाकी 95% भारत – गरीब, किसान, मजदूर, युवा और PDA समाज – को फिर से धोखा दिया गया है।”
अखिलेश ने बजट के प्रमुख ऐलानों पर सवाल उठाए
2016 में वादा किया गया था कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी होगी, फिर 2024 तक, अब 2027 तक भी कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं। बजट में हाई-वैल्यू फसलों और AI टूल की बात है, लेकिन MSP, कर्जमाफी, फसल बीमा और सिंचाई पर कोई ठोस कदम नहीं।
रोजगार सृजन
युवाओं के लिए कोई बड़ा पैकेज नहीं। बजट में स्किलिंग और कंटेंट क्रिएटर लैब्स की बात है, लेकिन असल में लाखों युवा बेरोजगार हैं। IT, MSME और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार कैसे बढ़ेगा, इसका जवाब नहीं।
स्मार्ट सिटी और टियर-2/3 शहर – 12.2 लाख करोड़ का पैकेज घोषित हुआ, लेकिन अखिलेश का कहना है कि यह सिर्फ कागजी घोषणा है। पिछले स्मार्ट सिटी मिशन में ज्यादातर प्रोजेक्ट अधूरे हैं। ग्रामीण और छोटे शहरों में बुनियादी सुविधाएं (पानी, बिजली, अस्पताल) तक नहीं पहुंचीं।
पर्यावरण और जलवायु
बजट में सोलर और ग्रीन एनर्जी पर कुछ राहत है, लेकिन प्रदूषण, गंगा सफाई, वन संरक्षण और क्लाइमेट चेंज पर कोई बड़ा फंड या योजना नहीं। यूपी में प्रदूषण और बाढ़- सूखे की समस्या बढ़ रही है।
गरीब और PDA समाज
अखिलेश ने आरोप लगाया कि बजट PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) को नजरअंदाज करता है। मतदाता सूची से नाम कटवाने का मुद्दा अभी भी जिंदा है, और बजट में गरीबों के लिए कोई नई कल्याण योजना या राशन बढ़ोतरी नहीं।
अखिलेश ने कहा सरकार को जवाब देना होगा – किसानों की आय कब दोगुनी होगी? युवाओं को कितने करोड़ रोजगार मिलेंगे? स्मार्ट सिटी कब स्मार्ट बनेंगी? पर्यावरण को बचाने के लिए क्या कर रही है सरकार? ये सिर्फ चुनावी जुमले नहीं, असल सवाल हैं।”
उन्होंने यूपी सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि केंद्र-राज्य मिलकर PDA समाज को निशाना बना रहे हैं। अखिलेश ने PDA एकता, युवा-किसान-मजदूरों के गुस्से और 2027 विधानसभा चुनाव में सपा की जीत का भरोसा जताया।
विपक्षी दलों (कांग्रेस, AAP आदि) ने भी बजट को “अमीरों का बजट” बताया है, जबकि BJP ने इसे “समावेशी और विकासोन्मुखी” करार दिया है। यह विवाद 2027 यूपी चुनाव से पहले राजनीतिक जंग को और तेज कर सकता है। अखिलेश की यह प्रतिक्रिया बजट के बाद सबसे तेज और तीखी प्रतिक्रियाओं में से एक रही है।
INPUT-ANANYA MISHRA



