अखिलेश यादव ने सपा सांसदों को लगाई फटकार! जानें अखिलेश यादव की महत्वपूर्ण बैठक में क्या-क्या हुआ?

उत्तर प्रदेश में अगले साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में मंगलवार (20 जनवरी) को लखनऊ में पार्टी मुख्यालय पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के सभी सांसदों की बैठक बुलाई।  जिसमे मौजदा SIR प्रक्रिया में विधानसभाओं की स्थिति और प्रत्याशियों पर भी मंथन हुआ।बजट सत्र से पहले सभी सांसदों की इस हाई-लेवल मीटिंग के बुलाने को लेकर प्रदेश की सियासत में हलचल शुरू हो गयी है। पार्टी मीटिंग में शामिल होने आए सांसदों ने दावा किया कि हर उस विषय पर चर्चा हुई।जिससे बीजेपी को हराया जा सके। सपा सांसदों ने कहा कि प्रदेश की जनता परेशान है उसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही अब समजवादी पार्टी ही उनकी मुसीबतों का अंत करेगी।

सपा की विधानसभा चुनावों से पहले बड़ी बैठक

2024 के लोकसभा चुनावों में सपा पार्टी ने 37 सीटें जीतकर बीजेपी को करार झटका दिया था। अब विधानसभा चुनाव में एक साल ही बचा है. ऐसे में तैयारियों को लेकर सपा में हलचल शुरू गयी है. अखिलेश यादव इस बार कोई चूक नहीं चाह रहे हैं, लिहाजा सांसदों की बैठक में हर उस बिंदु पर चर्चा की गई है, जिससे पार्टी मजबूती से चुनाव में उतरे। सपा मौजूदा SIR प्रक्रिया में भी विधानसभा के हिसाब से रिपोर्ट ली जाएगी। इसके साथ ही चुनाव लड़ने वाले दावेदारों पर भी सांसदों से विचार-विमर्श किया गया।वहीं प्रदेश में हो रही कई घटनाओं पर पार्टी की राय मशविरा भी किया गया। खासकर प्रयागराज में धरने पर बैठे संत और वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर हुई तोड़फोड़ को मुद्दा बनाकर बीजेपी सरकार को घेरने की रणनीति बनी होगी।

बैठक में अखिलेश यादव की कही महत्वपूर्ण बातें

1- अखिलेश यादव ने सांसदों से साफ कहा की विधानसभा के टिकट की सिफारिश ऐसे नेताओं की करें, जो जमीन पर काम कर रहे हों। जिनकी लोगों के बीच अच्छी पकड़ हो। सबसे बड़ी बात भाजपा से मुकाबले करने में वो सक्षम हों। अगर किसी जिले में गुटबाजी की खबर आई तो ठीक नहीं होगा। सबका लक्ष्य एक होना चाहिए कि 2027 में पार्टी की सरकार बने।

2- भाजपा शासन में संविधान खतरे में है। कानून व्यवस्था का राज नहीं है। आरएसएस ने हमेशा लोकतंत्र के साथ नाइंसाफी की है। संविधान के साथ धोखा किया है। भाजपा एसआईआर में धांधली करना चाहती है। केंद्रीय और राज्य निर्वाचन आयोग की वोटर लिस्ट में भारी अंतर है। भाजपा सरकार बेईमानी के रास्ते पर है।

3- भाजपा सरकार में अन्याय, अत्याचार और जुल्म चरम पर है। सरकारी बजट का बंदरबांट और लूट चल रही है। भ्रष्टाचार के सारे रिकार्ड टूट गए हैं। भाजपा ने सभी को धोखा दिया है। भाजपा सरकार में मंदिरों को तोड़ा जा रहा है। भाजपा सरकार में जितने मंदिर तोड़े गए, उतना किसी राजा के कार्यकाल में नहीं तोड़े गए। भाजपा सरकार पूरी तरह से नाकाम हो चुकी है।

4- विधानसभा चुनाव में जनपदीय स्तर पर घोषणापत्र बनाया जाएगा। जनता के मुद्दे शामिल होंगे। भाजपा धोखेबाज पार्टी है। भाजपा सरकार हर वर्ग को अपमानित कर रही है। अहंकार से भरी हुई है। भाजपा ने शंकराचार्य का अपमान किया। महारानी अहिल्याबाई होल्कर को अपमानित किया। भाजपा सरकार काशी से महारानी अहिल्याबाई होल्कर का नामो-निशान और कार्यों को मिटाना चाहती है।

5- भाजपा सनातनियों को अपमानित कर रही है। मुख्यमंत्री धृतराष्ट्र बन गए हैं। उत्तर प्रदेश में सब कुछ बर्बाद हो रहा है। सनातन संस्कृति और विरासत को नष्ट किया जा रहा। भाजपा सरकार में पीडीए के अधिकारों को छीना जा रहा। आरक्षण के साथ खिलवाड़ हो रहा।

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सपा सांसदों ने बताया बैठक में क्या हुआ?

सांसद वीरेंद्र सिंह- बैठक के बाद बाहर निकले चंदौली से सांसद वीरेंद्र सिंह ने बताया- बैठक में 2027 में पीडीए की सरकार बनाने का संकल्प लिया गया। किस तरह से सरकार बने? सामाजिक न्याय की सरकार बने, अपनी रणनीति क्या हो? इसको लेकर बात हुई।

सांसद बाबू सिंह कुशवाहा – जौनपुर से सांसद बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा- अखिलेश ने संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने की बात कही। SIR के मुद्दे पर चर्चा की गई। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा हिंदुत्व की राजनीति करती है, लेकिन हिंदू संतों को ही अपमानित करने का काम कर रही।

सांसद पुष्पेंद्र सरोज- कौशांबी से सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने कहा- 2027 में जो चुनाव होने वाला है, उसे लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बैठक बुलाई थी। सभी से इनपुट मांगा गया था कि किस तरह से जिले में विधानसभा सीटों पर मजबूती दिला सकते हैं? 2024 में जिस तरह से ऐतिहासिक जीत दर्ज की गई, उसे बरकरार रखने की बात कही।

सांसद जियाउर्रहमान बर्क- संभल से सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा- बैठक में तय किया गया कि पूरा सपा परिवार मजबूती से चुनाव में मेहनत करे। सपा सरकार बनाने का काम करें। जनता की जो समस्याएं हैं, उन्हें समझें और उनके लिए आवाज उठाएं। एसआईआर को लेकर कहा कि हम लोगों ने संसद में भी प्रदर्शन किया। हम एसआईआर के खिलाफ नहीं हैं। एसआईआर की जो नीति है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के वोट काटने का काम किया गया है।

सपा सांसद राजीव राय- वहीं मीटिंग के बाद सपा सांसद राजीव राय ने कहा कि बिखरती सरकार से यूपी की जनता को कैसे निजात दिलाई जाय, फिर कभी नहीं आ पाए, इनके जुर्मो का हिसाब किताब कैसे किया जाए, उस पर चर्चा हुई. उन्होंने प्रयागराज संत विवाद पर कहा कि कशी से लेकर प्रयागराज तक जो तांडव कर रहे हैं, सत्ता के अहंकार में जनता इनको जबाव देगी.

अखिलेश यादव की बैठक 27 के कितना महत्वपूर्ण

गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने कहा है कि 2027 में समाजवादी पार्टी मजबूत संगठन और जनसमर्थन के बल पर स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने सांसदों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें, बूथ स्तर पर मजबूती बढ़ाएं और विपक्ष की कमजोरियों को उजागर करें. पार्टी नेतृत्व का मानना है कि लोकसभा चुनाव में मिली सफलता को विधानसभा स्तर पर और मजबूत करके सत्ता परिवर्तन सुनिश्चित किया जा सकता है।इस बैठक के माध्यम से सपा अपनी चुनावी तैयारियों में तेजी लाने की कोशिश कर रही है, जहां प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है. पार्टी का लक्ष्य PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदायों के साथ-साथ अन्य वर्गों को जोड़कर व्यापक सामाजिक गठजोड़ बनाना है. समाजवादी पार्टी अब संगठनात्मक स्तर पर और अधिक सक्रिय हो गई है, ताकि 2027 में उत्तर प्रदेश में बदलाव की हवा बने।और अगर इस फॉर्मूले पर सपा के सांसद कार्य करते है तो शायद सपा सरकार बनाने में या 2027 के चुनाव में ज्यादा सीट हासिल करने में सक्षम हो सकती है।

INPUT- ANANYA MISHRA

 

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