असम में कांग्रेस शासन पर अमित शाह का हमला, ‘घुसपैठियों की आबादी 0 से 64 लाख

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 30 जनवरी 2026 को असम के धेमाजी जिले के करेनग चापोरी में 10वें मिसिंग युवा महोत्सव के समापन समारोह में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान राज्य की जनसांख्यिकी में बड़ा बदलाव आया, जिससे घुसपैठियों की आबादी शून्य से बढ़कर 64 लाख हो गई और सात जिलों में वे बहुसंख्यक बन गए। शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को इस प्रवृत्ति को उलटने का श्रेय दिया और आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा को वोट देने की अपील की, ताकि असम को बांग्लादेशी घुसपैठ से पूरी तरह मुक्त किया जा सके।

कांग्रेस पर घुसपैठ का आरोप

शाह ने कहा कि कांग्रेस के 20 साल के शासन में असम की डेमोग्राफी पूरी तरह बदल गई। उन्होंने दावा किया कि घुसपैठियों की आबादी शून्य से बढ़कर 64 लाख हो गई, और राज्य के सात जिलों—धुबरी, बारपेटा, दारंग, मोरिगांव, बोंगाईगांव, नागांव और गोलपारा—में वे बहुसंख्यक बन गए। गृह मंत्री ने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार विभिन्न तरीकों से इस जनसांख्यिकीय बदलाव को पलटने का काम कर रही है, और असम सरकार ने घुसपैठियों से 1.26 लाख एकड़ भूमि मुक्त कराई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर घुसपैठ रोकनी है, तो मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के हाथ मजबूत करने के लिए भाजपा को तीसरी बार सत्ता सौंपें।

मिसिंग समुदाय की भूमिका पर सराहना

अमित शाह ने मिसिंग समुदाय की कड़ी मेहनत वाली जीवनशैली की प्रशंसा की, जिसने असम के ऊपरी इलाकों में घुसपैठियों को बसने से रोका। उन्होंने कहा कि इस सम ुदाय की वजह से घुसपैठिए इस तरफ नहीं आ सके, और घुसपैठ रोकना उनकी जिम्मेदारी है—बिना हथियार उठाए। शाह ने जोर दिया कि मोदी सरकार मिसिंग समुदाय की सभी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है, और केंद्र द्वारा नियुक्त वार्ताकार के माध्यम से यह काम किया जाएगा।

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कांग्रेस पर आदिवासी पहचान का आरोप

गृह मंत्री ने कांग्रेस शासन को आदिवासी समुदायों की पहचान बचाने के लिए संघर्ष कराने का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की वोट-बैंक पॉलिटिक्स ने संत महात्मा शंकरदेव की पवित्र भूमि को घुसपैठियों के हवाले कर दिया, लेकिन हिमंत बिस्वा सरमा सरकार असम को घुसपैठ-मुक्त बना रही है। शाह ने चेतावनी दी कि अगर डेमोग्राफिक चेंज नहीं रोका गया, तो असम को भविष्य में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, और केवल भाजपा सरकार ही इसे रोक सकती है।

चुनावी संदर्भ और प्रतिक्रियाएं

यह भाषण असम विधानसभा चुनावों (2026) से पहले आया है, जहां घुसपैठ और डेमोग्राफी भाजपा की मुख्य थीम बनी हुई है। शाह ने घुसपैठियों को एक-एक करके पहचानकर निकालने का वादा किया। विपक्ष ने इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया है। यह मुद्दा असम की राजनीति में लंबे समय से विवादास्पद रहा है, और एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस) जैसे कदमों से जुड़ा है।

INPUT-ANANYA MISHRA

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