राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान आम जनता के आज से लिए खुला, द्रौपदी मुर्मु ने किया औपचारिक उद्घाटन

राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) के ऐतिहासिक अमृत उद्यान (Amrit Udyan) को आम जनता के लिए फिर से खोल दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (Draupadi Murmu) ने (1 फरवरी 2026) इसका औपचारिक उद्घाटन किया, जिसके बाद 3 फरवरी आज से यह उद्यान आम दर्शकों के लिए उपलब्ध होगा। उद्यान 31 मार्च 2026 तक खुला रहेगा, यानी लगभग दो महीने का समय प्रकृति के इस खूबसूरत नजारे को देखने के लिए मिलेगा।

अमृत उद्यान, जिसे पहले मुगल गार्डन के नाम से जाना जाता था, राष्ट्रपति भवन परिसर का एक प्रमुख हिस्सा है। इसमें 100 से अधिक प्रजातियों के दुर्लभ फूल, विदेशी पौधे, फव्वारे, जलकुंड, बांस के ग्रोव, हर्बल गार्डन और सुंदर लॉन शामिल हैं। सर्दियों के मौसम में यहां गुलाब, गेंदा, पेटुनिया, सूरजमुखी, डाहलिया और अन्य मौसमी फूलों की बहार देखने को मिलती है, जो पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है।

उद्यान का नाम 2023 में ‘मुगल गार्डन’ से बदलकर ‘अमृत उद्यान’ किया गया था, जो ‘अमृत काल’ और भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा प्रतीक है। राष्ट्रपति मुर्मु ने उद्घाटन के दौरान कहा कि यह उद्यान न केवल प्रकृति की सुंदरता का प्रतीक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत के संदेश को भी आगे बढ़ाता है। उन्होंने आम जनता को आमंत्रित किया कि वे इस खूबसूरत जगह का आनंद लें और परिवार के साथ समय बिताएं।

समय और नियम

  • खुलने की तिथि: 3 फरवरी 2026 से
  • समय अवधि: 31 मार्च 2026 तक
  • समय: सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक (सप्ताह में 7 दिन)
  • प्रवेश: मुफ्त, लेकिन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य (राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक वेबसाइट rashtrapatibhavan.gov.in पर उपलब्ध)
  • सीमित संख्या: प्रतिदिन सीमित संख्या में विजिटर्स को अनुमति, इसलिए पहले से रजिस्ट्रेशन जरूरी
  • सुरक्षा: सख्त सुरक्षा जांच, कोई बैग, कैमरा (मोबाइल फोटोग्राफी की अनुमति), खाद्य पदार्थ या अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं नहीं ले जा सकते

यह उद्यान पिछले कई वर्षों से सर्दियों में जनता के लिए खोला जाता रहा है और हर साल लाखों लोग इसे देखने आते हैं। विशेष रूप से फूलों की प्रदर्शनी और लैंडस्केपिंग इस समय चरम पर होती है। दिल्ली-NCR के निवासियों के साथ-साथ अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए यह एक प्रमुख आकर्षण बन गया है।

राष्ट्रपति भवन प्रशासन ने कहा कि उद्यान में पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्थाएं हैं और विजिटर्स से अनुरोध है कि वे प्लास्टिक का उपयोग न करें और स्वच्छता बनाए रखें। यह आयोजन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ और ‘हरित भारत’ के संदेश को मजबूत करेगा।

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