अंकिता भंडारी केस: CBI ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर से की पूछताछ

देहरादून
उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में सीबीआई ऐक्शन मोड में नजर आ रही है। अंकिता भंडारी मामले में CBI ने कार्रवाई शुरू कर दी है। CBI की टीम शनिवार को पूर्व विधायक सुरेश राठौर के आवास पर पहुंची और पूछताछ शुरू की। खबर लिखे जाने तक हरिद्वार के BHEL गेस्ट हाउस में पूर्व विधायक से पूछताछ जारी थी। एक दिन पहले ही शुक्रवार को एक नए घटनाक्रम में अंकिता के माता-पिता ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी।

सीबीआई ने किया साफ- होगी गहन छानबीन
शुक्रवार को अंकिता के पिता वीरेन्द्र सिंह भंडारी और माता सोनी देवी ने दिल्ली में सीबीआई के मुख्यालय में जांच एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी। इस मुलाकात के दौरान सीबीआई के अधिकारियों ने उनको भरोसा दिया था कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष और न्याय संगत तरीके से गहन जांच की जाएगी।

सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर का नार्को टेस्ट की मांग
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक बयान में कहा था कि विशेष निदेशक मनोज शशिधर और संपत मीणा ने अंकिता के माता पिता को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। वहीं पीड़ित परिवार के करीबी सूत्रों ने बताया कि अंकिता के माता-पिता ने सीबीआई निदेशक को लिखित अनुरोध देकर पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है।

वायरल हो गई थी उर्मिला सनावर की ऑडियो क्लिप
सनद रहे उर्मिला सनावर की एक ऑडियो हत्या में कथित रूप से एक वीआईपी की भूमिका का जिक्र करते हुए वायरल हो गई थी। इससे इस हत्याकांड का मुद्दा एकबार फिर गर्म हो गया था। बताया जाता है कि उत्तराखंड के गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद अनिल बलूनी भी सीबीआई अधिकारियों से मुलाकात के दौरान पीड़िता के परिवार के साथ मौजूद थे।

इंडिया गेट पर दिया था धरना
बता दें कि अंकिता के माता-पिता ने 14 अक्टूबर को इंडिया गेट पर धरना प्रदर्शन किया था। अंकिता भंडारी के माता-पिता के इंडिया गेट पर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी उनके पास पहुंचे थे और अपना समर्थन जताया था। बाद में राहुल गांधी औरी प्रियंका गांधी वाड्रा के जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता को कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया था और फिर छोड़ दिया था।

कांग्रेस लगातार कर रही विरोध
गौरतलब है कि कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस अंकिता हत्याकांड में कथित 'वीआईपी' की भूमिका के आरोपों से जुड़े सवालों के बीच भाजपा नेता दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति का विरोध किया है। कांग्रेस का कहना है कि दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाकर भाजपा ने उन्हें कानून से बचने का सेफ पैसेज मुहैया कराया है। कांग्रेस उत्तराखंड में इस मुद्दे को लेकर लगातार विरोध कर रही है।

विधानसभा का करेगी घेराव, निकालेगी न्याय यात्रा
इस बीच कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा ने अंकिता भंडारी हत्या मामले समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर 27 अक्टूबर को गैरसैंण में विधानसभा घेराव करने का ऐलान किया है। कुमारी सैलजा ने कहा कि 27 अक्टूबर को विधानसभा का घेराव करने के साथ-साथ सदन के भीतर भी विभिन्न ज्वलंत मुद्दों जैसे भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, पलायन को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इससे पहले 22 से 25 अक्टूबर तक कांग्रेस राज्य में न्याय यात्रा निकालेगी।

18 सितंबर 2022 को हुई थी अंकिता की हत्या
उल्लेखनीय है कि ऋषिकेश के पास वनंत्रा रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करने वाली 19 साल की अंकिता की 18 सितंबर 2022 को रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों (सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता) के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। अंकिता भंडारी की लाश घटना के 4 दिन बाद चीला नहर से बरामद हुई थी। तीनों को इस मामले में अदालत से उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।