अयोध्या: रामनगरी में हिंदू नववर्ष यानी नव संवत्सर के अवसर पर 19 मार्च 2026 को राम मंदिर परिसर में एक भव्य और ऐतिहासिक समारोह आयोजित होने जा रहा है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इस समारोह की मुख्य अतिथि भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू होंगी, जो राम मंदिर में चार घंटे से अधिक समय व्यतीत करेंगी और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थापनाएं भी करेंगी। यह आयोजन न केवल धार्मिक उत्सव होगा, बल्कि राम भक्ति और सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला होगा।
पांच हजार विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
समारोह के लिए करीब 5,000 विशिष्ट मेहमानों की सूची अंतिम रूप ले चुकी है। इनमें राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कारसेवक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद के समर्पित कार्यकर्ता, विभिन्न राज्यों से आमंत्रित धार्मिक संत, वैदिक आचार्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हैं। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से लगभग 3,000 लोगों को आमंत्रित किया गया है। ट्रस्ट ने मेहमानों की सूची तैयार कर आमंत्रण पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि यह आयोजन भव्यता के साथ संपन्न हो।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ऐतिहासिक दौरा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 मार्च को सुबह करीब 11 बजे राम मंदिर परिसर पहुंचेंगी और लगभग चार घंटे तक यहां रहेंगी। यह उनका राम मंदिर का दूसरा दौरा होगा (पहला दौरा 1 मई 2024 को हुआ था)। इस दौरान वे राम मंदिर के दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना और श्रीराम नाम मंदिर की स्थापना करेंगी। ये दोनों स्थापनाएं धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि श्रीराम नाम मंदिर भगवान राम के नाम-स्मरण को समर्पित होगा और यहां निरंतर राम नाम का जाप होगा। राष्ट्रपति द्वारा इनकी स्थापना इस आयोजन को और भी यादगार बना देगी।
धार्मिक अनुष्ठान और वैदिक कार्यक्रम
समारोह में 51 वैदिक आचार्यों द्वारा विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जाएंगे। ये अनुष्ठान राम मंदिर परिसर में भव्य रूप से आयोजित होंगे, जिसमें हवन, पूजा-पाठ और मंत्रोच्चारण शामिल होंगे। नव संवत्सर के पावन अवसर पर ये अनुष्ठान समृद्धि, शांति और राम भक्ति की कामना के लिए किए जाएंगे। राष्ट्रपति भी इन अनुष्ठानों में भाग लेंगी और वैदिक मंत्रों के बीच स्थापनाएं करेंगी।
दर्शन व्यवस्था में नई पहल
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि पहली बार किसी बड़े कार्यक्रम के दौरान दर्शन व्यवस्था को सुचारु रूप से बनाए रखने की विशेष योजना बनाई गई है। आम भक्तों के दर्शन प्रभावित न हों, इसके लिए अलग व्यवस्था की जा रही है। राष्ट्रपति के कार्यक्रम के बाद उप-मंदिरों और अन्य क्षेत्रों में दर्शन सुचारु रूप से शुरू हो जाएंगे। यह पहल राम मंदिर की बढ़ती लोकप्रियता और श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखकर की गई है।
रामोत्सव की शुरुआत और नौ दिवसीय उत्सव
19 मार्च से ही अयोध्या में रामोत्सव की शुरुआत हो जाएगी, जो रामनवमी तक लगभग नौ दिनों तक चलेगा। इस दौरान रामनगरी के विभिन्न मंदिरों, मठों और घाटों पर विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूरा शहर उत्सव के रंग में रंग जाएगा, जिससे राम भक्तों के लिए यह अवधि आध्यात्मिक उत्साह से भरपूर रहेगी।

















































