आजमगढ़: जमीन दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी करने के मामले में थाना सिधारी पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में वांछित आरोपी अभिनव सिंह उर्फ मन्टू को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को भंवरनाथ रोड स्थित बैठौली के पास से पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
फर्जी खतौनी दिखाकर जमीन के नाम पर रकम लेने का आरोप
पुलिस के अनुसार, अभिनव सिंह ने सह-अभियुक्ता ऋतिका सिंह के साथ मिलकर कथित तौर पर एक गिरोह बनाया था। आरोप है कि गिरोह के सदस्य जमीन बेचने के नाम पर लोगों को फर्जी खतौनी दिखाकर उनसे रकम लेते थे। जमीन की रजिस्ट्री नहीं होने पर जब पीड़ित अपनी रकम वापस मांगते थे तो कथित रूप से उन्हें फर्जी चेक देने के साथ गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
Also Read: Raebareli: प्यार और गिफ्ट का झांसा देकर लाखों की ठगी, साइबर गैंग के 4 शातिर ठग गिरफ्तार
तीन मामलों में लाखों रुपये लेने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, थाना सिधारी में दर्ज मुकदमा संख्या 431/2025 में जमीन दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 50 लाख रुपये लेने का आरोप है। वहीं थाना कोतवाली के मुकदमा संख्या 259/2025 में 25 लाख रुपये और थाना सिधारी के मुकदमा संख्या 216/2025 में 35 लाख रुपये लिए जाने की बात सामने आई है। इन मामलों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाई।
गैंगस्टर एक्ट में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस के अनुसार, आपराधिक गतिविधियों को लेकर गैंगचार्ट अनुमोदित होने के बाद 25 सितंबर 2026 को थाना सिधारी में मुकदमा संख्या 391/2026 दर्ज किया गया। इसमें धारा 2(ख)(1)/3(1) गैंगस्टर एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। उपनिरीक्षक मृत्युन्जय सिंह पुलिस टीम के साथ आरोपी की तलाश में जुटे थे। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना पर 26 सितंबर की रात करीब 12:50 बजे बैठौली के पास से अभिनव सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अभिनव सिंह उर्फ मन्टू पुत्र जयप्रकाश सिंह, निवासी तिवारीपुर, थाना सिधारी, उम्र करीब 41 वर्ष है। उसके खिलाफ थाना कोतवाली और सिधारी में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, धमकी समेत विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, उसके आपराधिक रिकॉर्ड में वर्ष 2025 के तीन मामलों के अलावा वर्ष 2026 में धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट से जुड़े मुकदमे भी शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जा रही है।














