बलिया: होली के अवसर पर मिठाइयों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। आजमगढ़ मंडल के सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. वेद प्रकाश मिश्र के नेतृत्व में विभाग की टीम ने जनपद के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। इस दौरान संदिग्ध मिठाइयों की जांच के लिए कई नमूने संग्रहित किए गए और 31 किलोग्राम मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
संदिग्ध नमूने भेजे जांच के लिए
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरिन्द्र सिंह की टीम ने दुकानों से कुल 5 नमूने लिए। इनमें 2 नमूने बेसन के, 1 नमूना बूंदी के लड्डू का, 1 नमूना खोया का और 1 नमूना वनस्पति घी का शामिल है। विभाग ने कहा कि इन नमूनों को आगे की जांच के लिए लैब भेजा जाएगा ताकि मिठाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
Also Read: कुत्ते के लिए तोड़ दिया होने वाले पति से रिश्ता! यूपी का ये मामला हैरान कर देगा
संदिग्ध मिठाइयों का नाश
खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मराज शुक्ल के अनुसार, कई दुकानों पर मिठाइयों की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई। सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए गुलाब जामुन 12 किलोग्राम, छेना स्वीट्स 14 किलोग्राम और रंगीन जलेबी 4 किलोग्राम मिठाइयों को तुरंत नष्ट कर दिया गया। विभाग ने बताया कि नष्ट की गई मिठाइयों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 4,420 रुपये है।
जनता और दुकानदारों को दी चेतावनी
सहायक आयुक्त (खाद्य) ने जनता से अपील की है कि त्योहार के दौरान अत्यधिक रंगीन और संदिग्ध मिठाइयों से दूर रहें। उन्होंने दुकानदारों को भी चेतावनी दी कि अगर मानकों के अनुसार रंगों का उपयोग नहीं किया गया या स्वच्छता में कोताही बरती गई, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मिलावटखोरों को संदेश
31 किलो संदिग्ध मिठाइयों को नष्ट कर विभाग ने साफ संदेश दिया कि होली के उल्लास में जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। डॉ. वेद प्रकाश मिश्र के सख्त निर्देश पर बलिया में चलाए गए इस अभियान ने मिलावटखोरों के लिए चेतावनी का काम किया और मिठाई विक्रेताओं को सजग रहने की आवश्यकता दिखा दी।













































