महाराष्ट्र में हो गया बड़ा खेल! कांग्रेस के सहारे BJP को अंबरनाथ नगर परिषद में बहुमत, शिंदे गुट ने लगाया विश्वासघात का आरोप

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र (Maharashtra) की सियासत से एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। अंबरनाथ नगर परिषद में (Ambernath Municipal Council) भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस (Congress) ने एक-दूसरे का साथ देकर सभी को हैरान कर दिया है। इस नए राजनीतिक समीकरण के चलते शिवसेना (शिंदे गुट) को सत्ता से बाहर होना पड़ा है। कांग्रेस के समर्थन से बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा छू लिया है और नगर परिषद पर कब्जा जमाने की तैयारी में है।

कांग्रेस के सहारे बीजेपी को बहुमत


नगराध्यक्ष पद के चुनाव में बीजेपी की उम्मीदवार तेजश्री करंजुले की जीत सुनिश्चित मानी जा रही है। इस गठबंधन में बीजेपी के 16, कांग्रेस के 12 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के 4 नगरसेवक शामिल हैं। कुल 32 पार्षदों के समर्थन से बीजेपी ने परिषद में बहुमत हासिल कर लिया है।

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शिंदे गुट की नाराजगी

इस घटनाक्रम से शिवसेना (शिंदे गुट) में भारी नाराजगी देखी जा रही है। पार्टी ने बीजेपी-कांग्रेस की इस साझेदारी को ‘अभद्र युति’ करार दिया है। शिंदे गुट के विधायक बालाजी किनीकर ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि जो पार्टी ‘कांग्रेस-मुक्त भारत’ की बात करती थी, उसी ने कांग्रेस से हाथ मिलाकर शिवसेना के साथ विश्वासघात किया है।

बीजेपी का पलटवार

बीजेपी के उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटील ने शिंदे गुट के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यदि बीजेपी पिछले 25 वर्षों से भ्रष्टाचार में लिप्त शिंदे गुट के साथ सत्ता में जाती, तो वही असली ‘अभद्र युति’ होती। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंबरनाथ नगर परिषद में महायुति के तहत शिवसेना (शिंदे गुट) के साथ गठबंधन के लिए कई बार बातचीत की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला।

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स्थानीय निकाय चुनावों में महायुति का दबदबा

गौरतलब है कि दिसंबर में हुए महाराष्ट्र के नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में महायुति ने शानदार प्रदर्शन किया था। बीजेपी राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। महायुति ने 288 नगर परिषदों और 207 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की, जबकि विपक्षी महाविकास अघाड़ी को केवल 44 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा।

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