बिहार: दुलारचंद मर्डर केस में अनंत सिंह को बड़ी राहत, 4 महीने बाद मिली जमानत, रिहाई तय

बिहार: चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड (Dularchand Yadav Murder Case) में जेडीयू (JDU) नेता अनंत कुमार सिंह (Anant Singh) को पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है, जिसके बाद उनके कल जेल से बाहर आने की संभावना है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने मोकामा सीट से जीत दर्ज की थी और वर्तमान में वे वहीं से विधायक हैं। यह मामला चुनाव के दौरान जन सुराज पार्टी से जुड़े दुलारचंद यादव की हत्या से जुड़ा है, जिसमें सिंह को आरोपी बनाकर जेल भेजा गया था।

निचली अदालत ने ठुकराई थी जमानत

इससे पहले पटना सिविल कोर्ट की MP-MLA अदालत ने अनंत सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया था। हालांकि अब हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल है।

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राजनीति से संन्यास का ऐलान

जमानत मिलने से कुछ दिन पहले, 16 मार्च को अनंत सिंह ने सक्रिय चुनावी राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि अब उनके बेटों के राजनीति में आने का समय है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों, खासकर नीतीश कुमार की भूमिका को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है।

परिवार की राजनीतिक विरासत और सफर

अनंत सिंह के दो जुड़वां बेटे, अंकित सिंह और अभिषेक सिंह अब राजनीतिक मैदान में उतर सकते हैं। इससे पहले उनकी पत्नी नीलम देवी भी मोकामा से विधायक रह चुकी हैं। अनंत सिंह खुद छह बार इस सीट से जीत चुके हैं, जिसकी शुरुआत उन्होंने 2005 में की थी। अब आगे देखना होगा कि उनकी राजनीतिक विरासत को उनका परिवार किस तरह आगे बढ़ाता है।

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